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तत्काल रेल टिकटों में हर महीने होता था करोड़ों का घोटाला, आतंकियों से जुड़े तार

नई दिल्ली: अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से ‘तत्काल’ रेल टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान में रेल सुरक्षा बल RPF ने अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो क्रिप्टो करंसी और हवाला के माध्यम से पैसा विदेश भेजकर उसका इस्तेमाल आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए करता है। RPF के महानिदेशक अरुण कुमार ने यहां रेल भवन में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरोह के एक प्रमुख सूत्रधार समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास उपलब्ध उन्नत तकनीक का भी पता चला है।

गिरोह में 20 हजार से अधिक एजैंटों वाले 200 से 300 पैनल देश भर में सक्रिय हैं और उसका सरगना हामिद अशरफ दुबई में बैठा है। यह गिरोह पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन तब्लीगी जमात से जुड़ा है। इसमें बेंगलूर की एक सॉफ्टवेयर कंपनी भी सांझीदार है और ‘गुरुजी’ कूटनाम वाला एक उच्च तकनीकविद् इस गिरोह को सक्रिय मदद देता है। महानिदेशक ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी करने वाले इस गिरोह के एक प्रमुख सदस्य गुलाम मुस्तफा को इसी माह भुवनेश्वर से पकड़ा गया और उससे पूछताछ में इस पूरे नैटवर्क का खुलासा हुआ।

इस गिरोह के पास फर्जी आधार कार्ड एवं फर्जी पैन कार्ड बनाने की तकनीक है और यह गिरोह बंगलादेश से लोगों को अवैध रूप से लाने एवं यहां बसाने का काम भी कर रहा था। इस प्रकार इस मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे वाली बात है इसलिए इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजैंसी (एन.आई.ए.), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.), गुप्तचर ब्यूरो (आई.बी.), प्रवर्तन निदेशालय, कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच इकाई आदि एजैंसियां भी जुड़ गई हैं।

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