ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
देश

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में भर्ती मेला, कभी कांग्रेस का चेहरा रहे कौन हैं BJP में शामिल होने वाले अर्जुन मोढवाडिया?

अर्जुन मोढवाडिया अब से कांग्रेस पार्टी के नेता के तौर पर नहीं जाने जाएंगे. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठा लिया है. अर्जुन मोढवाडिया के अलावा अमरीश डेर, अर्जुन और पूर्व विधायक मौलू कंदोरिया भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. 2004 से 2007 के दौरान गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे मोढवाडिया कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे.

उनके कद का अंदाजा इस बात से भी लगाया जाना चाहिए कि पार्टी ने उनको तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रतिपक्ष का नेता बनाया और फिर 2011 से 2012 के दौरान जब पार्टी चुनाव में जा रही थी तो गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद की भी कमान दी.

कौन हैं अर्जन मोढवाडिया?

अर्जुन मोढवाडिया का ताल्लुक गुजरात के पोरबंदर से है. 17 फरवरी 1967 को जन्मे अर्जुन मोढवाडिया गुजरात की क्षेत्रीय राजनीति में एक समय तक नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक रहे हैं. मोढवाडिया ने गुजरात के मोरबी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की और फिर सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के सिनेट मेंबर के तौर पर काम किया.

अर्जुन मोढवाडिया ने गुजरात मैरिटाइम बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर के तौर पर दस साल तक काम किया. बाद में 1993 में नौकरी छोड़कर राजनीति में दाखिल हुए. 1997 में कांग्रेस के साथ सियासी सफर की शुरुआत करने वाले अर्जुन मोढवाडिया की कांग्रेस के हाथ के साथ यात्रा आज पूरी हो गई.

विधायक से कांग्रेस के चेहरा तक

2002 में पहली बार वे विधायक चुने गए. गुजरात की ओर से वे परिसीमन कमीशन के सदस्य भी रहे. इसके बाद 2007 में वे दोबार विधायक चुने गए. 2012 के चुनाव में तो गुजारात कांग्रेस एक तरह से उन्हीं की अगुवाई में विधानसभा चुनावों में गई पर हकीकत ये है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी.

गुजरात चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद 20 दिसंबर 2012 को उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. 2017 का विधानसभा चुनाव आया. अर्जुन मोढवाडिया ने विधानसभा चुनाव दम खम के साथ लड़ा मगर वह भारतीय जनता पार्टी के बाबू बोखिरिया से हार गए. हालांकि फिर पांच बरस बाद 2022 में अर्जुन मोढवाडिया ने पोरबंदर ही की सीट से बाबू बोखिरिया के सामने चुनाव लड़ा और इस दफा वे विजयी रहे.

Related Articles

Back to top button