ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
धार्मिक

भारत के लिए शुभ है शनि का राशि परिवर्तन

जालन्धर: शुक्रवार करीब दोपहर 12 बजे धनु राशि से मकर राशि में हो रहा शनि का गोचर देश के आर्थिक विकास के साथ-साथ देश का विदेशों में गौरव बढ़ाने वाला भी साबित होगा। 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में आए मौजूदा भारत की कुंडली वृष लगन की है और शनि इस कुंडली में नवम (त्रिकोण भाव) और दशम (केन्द्र भाव) का स्वामी होकर योगाकारक ग्रह की भूमिका अदा करता है। योगाकारक ग्रह का अपनी राशि में आ जाना भारत के विकास की दृष्टि के लिहाज से शुभ है। भारत की कुंडली में इस समय चंद्रमा की महादशा के भीतर शनि की ही अंतर्दशा चल रही है। लिहाजा अपनी इस अंतर्दशा के दौरान योगाकारक ग्रह शनि अच्छे फल देगा। आने वाले अढ़ाई साल में भारत में रोजगार की दृष्टि से अच्छा काम होगा, जबकि अध्यात्म की दृष्टि से भी भारत का नाम बढ़ेगा। देश में धार्मिक टूरिज्म में इजाफा हो सकता है।

मोदी बड़े फैसले लेंगे 
शनि का यह गोचर प्रधानमंत्री की कुंडली के लिहाज से भी शुभ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है और चंद्रमा भी वृश्चिक राशि में है। शनि के गोचर के साथ ही प्रधानमंत्री शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से मुक्त हो जाएंगे। मोदी की कुंडली में तीसरे भाव का शनि पराक्रम में वृद्धि करेगा जिससे आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री बड़े और साहसिक फैसले लेंगे। हालांकि उनके कुछ फैसलों को लेकर विवाद भी पैदा हो सकता है क्योंकि इस भाव में बैठे शनि की पंचम पर दृष्टि उनके बुद्धि और विवेक को प्रभावित करेगी।

शनि करीब 30 साल बाद अपनी राशि में आ रहे हैं, इससे पहले शनि मार्च 1990 में मकर राशि में आए थे। शनि का अपनी राशि में आना ही एक तरह से शुभ संकेत है। शनि के इस गोचर से पाप कर्म के रास्ते पर चल रहे लोगों के बुरे दिन आएंगे जो लोग शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं।
-आशु मल्होत्रा, जालन्धर 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button