ब्रेकिंग
Jaipur Murder Case: जयपुर में पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा राहुल झा गिरफ्तार, खाटूश्यामजी और रींगस ... US-China Tension: चीन ने ईरान को दी थी अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें? जॉर्डन हमले में 3 US सैन... Ganga Aarti in London: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, दीपों से जगमगाया कि... BSF Rescue Operation: सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बचाई 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान, 30 दिन के नव... Belagavi Murder News: कर्नाटक में 2 महीने से लापता महिला का गन्ने के खेत में मिला कंकाल, प्रेमी ने ब... Delhi Metro Arpan Kendra: पुराने कपड़ों से मिलेगा छुटकारा, दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुले अर्प... UCC in India: उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब 21 राज्यों की बारी, अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के दौ... Chhath Puja Special Trains: दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें; दिल्ली-भागलपुर के ... Raebareli Murder Case: रायबरेली में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, प्रेमिका ने फोन कर बुलाया; पत... UP PCS Transfer News: काशी विश्वनाथ मंदिर CEO विश्व भूषण मिश्र का ट्रांसफर, बने UPSSSC के नए उपसचिव;...
देश

रूठी अमेठी में सोनिया भी अनमनी, राहुल की हार के बाद पहले दौरे पर कहीं ठहराव न अभिवादन

रायबरेली। कारवां गुजर गया और अमेठी के बाशिंदे गुबार देखते रह गए। गुबार दिखा रहा था कि राजनीतिक रिश्तों की डोर कितनी कमजोर होती है। वर्ष 1967 के लोकसभा चुनाव से गांधी परिवार का जो मजबूत रिश्ता इस धरती से बना, वह राहुल गांधी की एक हार से यूं बिखर गया, जिसे सहेजने की तड़प न बतौर पार्टी अध्यक्ष मां सोनिया गांधी में दिखी और न ही महासचिव बहन प्रियंका वाड्रा में। पिछले दिनों हादसे में मारे गए ग्रामीणों के परिवारीजन से मुलाकात को छोड़ दें तो रूठी अमेठी में सोनिया अनमनी सी ही नजर आईं।

सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा बुधवार को रायबरेली पहुंचीं और भुएमऊ गेस्ट हाउस में प्रदेशभर से प्रशिक्षण के लिए जुटे जिला और शहर अध्यक्षों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे दोनों कांग्रेस नेता अमेठी के लिए रवाना हो गईं। लंबा-चौड़ा काफिला तेज रफ्तार से गांव, कस्बे पार करता रहा। सड़क के दोनों किनारों पर क्षेत्रवासी खड़े थे। कहीं-कहीं लोग एकजुट थे। शायद उम्मीद रही हो कि काफिला रुके, सोनिया या प्रियंका हालचाल लें, मगर ऐसा नहीं हुआ। गाड़ियां सीधे भरेथा मौजा में रुकीं, जहां के छह ग्रामीणों की पिछले दिनों सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। दो परिवारों से कुछ मिनटों की मुलाकात कर काफिला फिर उसी रफ्तार से वापस फुरसतगंज हवाई पट्टी के लिए दौड़ पड़ा।

अमेठी के बाशिंदों को शायद इसकी उम्मीद न रही होगी, क्योंकि राहुल गांधी यहां से सांसद रहे, तब सोनिया आती थीं तो भीड़ देखकर गाड़ी रुकवा देती थीं। चलते-चलते हालचाल ले लेती थीं। न रुकीं तो गाड़ी का शीशा नीचे कर हाथ जोड़ लेती थीं। राहुल गांधी की हार के बाद सोनिया का यह पहला अमेठी दौरा था। प्रियंका भी उसके बाद एक ही बार कुछ देर के लिए आई थीं। क्षेत्र को कई बड़े तोहफे दे चुके गांधी परिवार को भी संभवत: चुनाव के ऐसे परिणाम की उम्मीद न रही होगी, लिहाजा हार की टीस और अमेठी वालों के प्रति नाराजगी भी छिप न सकी।

अब सिर्फ रायबरेली परिवार

उत्तर प्रदेश में सिर्फ रायबरेली एकमात्र लोकसभा सीट है, जहां से वर्ष 2019 में कोई कांग्रेसी प्रत्याशी जीता। यहां से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार जीत रही हैं। अब यहीं से उनका लगाव भी बचा है। गुरुवार को दिल्ली रवानगी से पहले भुएमऊ गेस्ट हाउस में उन्होंने सिर्फ रायबरेली के पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की, जबकि पहले अमेठी के कांग्रेसी भी ऐसी ही तवज्जो पाते थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button