ब्रेकिंग
देवघर में मकर संक्रांति पर उमड़ी भक्तों की भीड़, बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष भोग और पूजा का आयोजन दुमका में बस और ट्रक की सीधी टक्कर, हादसे में 12 से अधिक यात्री घायल पाकुड़ में ट्रेन डिरेल का मामला: रेल पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार चाइनीज मांझा पतंग ही नहीं काटती है जिंदगी की डोर भी, भूल से भी न करें इस्तेमाल जमशेदपुर में युवक का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी दुमका में सोहराय मिलन समारोह: ढोल-मांदर की थाप पर आदिवासियों संग झूमे विदेशी मेहमान हजारीबाग में अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, खनन और ट्रांसपोर्ट ठप, कंपनी... राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के हाथों में झारखंड भाजपा की कमान, 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम की भ... ज्वेलरी शॉप में नकाबपोश की एंट्री पर रोक का विरोध, पुलिस से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 307 ब्लॉक अध्यक्षों की हुई नियुक्ति, AICC ने जारी की लिस्ट
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में आदिवासियों और वन समिति से छीना वानिकी कार्य, अब ठेके पर देने की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में वन विभाग के समस्त वानिकी, क्षेत्रीय और तकनीकी कार्य ठेका पद्धति अर्थात निविदा के माध्यम से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग ने सभी डीएफओ को निर्देश भी जारी कर दिए है। ठेके से काम करने पर वन क्षेत्र से सटे गांवों में आदिवासियों और वन विकास समिति से रोजगार छिन जाएगा।

वानिकी कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था थी, जिससे वे रोजगार के लिए अन्य शहर या राज्य में पलायन न करें, लेकिन ठेका व्यवस्था होने से आदिवासियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा।

मध्य प्रदेश रेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश वन विभाग द्वारा अभी तक जो भी उपलब्धि चाहे वो वन क्षेत्र के घनत्व में उन्नति की हो, मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट, घड़ियाल स्टेट, चीता स्टेट और राजस्व दिलाने में नंबर एक स्टेट बनाने की हो।

अहिरवार का कहना है कि वन क्षेत्र में जो भी काम होते हैं वो एक निश्चित समय में स्थानीय मजदूरों से कराए जाते हैँ। वन के समीप निवास करने के कारण यह जंगल को भलिभांति जानते और समझते हैं।

लेकिन निविदा प्रक्रिया वन विभाग में लागू होती है तो निश्चित ही वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासियों के अधिकारों का हनन होगा। इस तानाशाही पूर्ण निर्णय को तत्काल प्रभाव से वापस लेेने के साथ ही रेंजर एसोसिएशन इसकी घोर निंदा करता है और इस व्यवस्था का विरोध करेंगे।

Related Articles

Back to top button