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मध्यप्रदेश

सरकारी नौकरी बताकर की शादी, बाद में मांगे पांच लाख रुपये, नहीं देने पर अबॉर्शन कराकर महिला को छोड़ा

खंडवा। दो महिलाओं ने अलग-अलग थानों में दहेज प्रताड़ना की शिकायत की है। पहला मामला महिला थाने का है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर उसके पति, सास-ससुर और देवर को पर केस दर्ज किया है।

महिला ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व उसकी शादी राघवेंद्र से हुई थी। शादी के छह माह बाद आरोपित अपना रंग दिखाने लग गए। रिश्ता हुआ तब लड़के की सरकारी नौकरी होना बताया था। लेकिन शादी के बाद पता चला कि उन्होंने झूठ बोला था। 6 महीने बाद दहेज मांगा, कहने लगे कि कार खरीदना है। इसलिए मायके से 5 लाख रुपये नकद लेकर आओ। उनकी डिमांड अस्वीकार की तो मुझसे मारपीट की। गर्भ से हुई तो अबॉर्शन करा दिया।

30 वर्षीय पीड़िता का मायका पुनासा चौकी क्षेत्र का है। महिला थाना पुलिस ने शिकायत मिलने पर दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपित पति राघवेंद्र चौहान, ससुर भीमसिंह पुत्र रतनसिंह चौहान, सास प्रीति बाला व देवर तरुण प्रताप सिंह निवासी खरगोन पर केस दर्ज किया है।

रिश्ते के समय कहा था हमें सिर्फ आपकी बेटी चाहिए दहेज नहीं

महिला के पिता का कहना है कि रिश्ते के दौरान ही दहेज के लेनदेन की बात हो गई थी। हमने जो दहेज बड़ी बेटी को दिया, वहीं छोटी बेटी की शादी में दिया। दामाद और उसके परिवार वालों ने भी कहा कि हमें तो सिर्फ आपकी बेटी चाहिए। फिर भी रीति-रिवाज अनुसार दहेज दिया। लेकिन वे लोग शादी के 6 महीने बाद से ही बेटी को परेशान करने लगे। लड़ाई-झगड़ा करके मायके भी भेज दिया। बेटी को वापस भेजा। वो गर्भ से हुई तो दामाद ने बड़वानी में भ्रूण के लिंग की जांच कराई, गर्भ में बेटी की पहचान हुई तो उन्होंने धामनोद ले जाकर अबॉर्शन करा दिया। इस तरह हमारी बेटी को उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

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