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मध्यप्रदेश

सेना की हरी झंडी के बाद वीएफजे तैयार करेगी सात हजार से अधिक सैन्य वाहनों की बड़ी खेप

जबलपुर। वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) इस वित्त वर्ष 2024-25 में सेना के लिए महत्वपूर्ण सैन्य वाहनों की बड़ी खेप बनाने जा रहा है। थलसेना के मुख्यालय ने वीएफजे से एक वर्ष में स्टैलियन ट्रक, एलपीटीए और वाटर बाउजर बनाने मांग पत्र भेजा था, जिस पर लंबे दौर की बैठकों के बाद वीएफजे को वाहनों की नई खेप बनाकर देने का रास्ता साफ हो गया।

अलग-अलग सिगमेंट के ये वाहन में आधुनिक दौर के हिसाब से अनेक बदलाव

 

सेना की मांग के अनुरूप वाहनों की नई श्रृंखला में अनेक सुधार किए गए हैं। अलग-अलग सिगमेंट के ये वाहन में आधुनिक दौर के हिसाब से अनेक बदलाव किए गए हैं और सैन्य जवानों की सुविधा का ख्याल विशेष ख्याल रखा गया है। वीएफजे को सैन्य वाहन उत्पादन में महारथ हासिल है, यही कारण है कि इस सत्र में भी सैन्य वाहनों की बड़ी खेप निर्माणी में ही तैयार होगी। स्टैलियन ट्रक, एलपीटीए सैन्य साजो-सामान के दुर्गम इलाकों में परिवहन में भी उपयोगी हैं।

 

लंबे दौर की बैठक के बाद सैन्य वाहन उत्पादन की बड़ी खेप आम सहमति

वीएफजे मुख्य महाप्रबंधक की मौजूदगी में सेना की टाप लेबल कमेटी के साथ लंबे दौर की बैठक के बाद सैन्य वाहन उत्पादन की बड़ी खेप आम सहमति बनी। रक्षा मंत्रालय ने इस पर अंतिम मुहर लगाई। गौरतलब है कि दिल्ली स्थित सेना के मुख्यालय ने जनवरी-फरवरी में वीएफजे से विभिन्न सेगमेंट के वाहन निर्माण का मांगपत्र भेजा था। जिसपर कई चरण की बैठकों के बाद सहमति बनी।

 

अपग्रेड वर्जन को अत्याधुनिक रूप दिया गया है

 

सुरंगरोधी वाहनों के अपग्रेड वर्जन भी वीएफजे बना रही है। ये सेना के साथ अर्धसैनिक बलों के लिए नक्सली अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपग्रेड वर्जन को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जिसमें कैमरा, सेंसर से लैस वाहन होने के साथ पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है। सीटिंग क्षमता में भी पूर्व के मुकाबले इजाफा हुआ है। अगले तीन साल में वीएफजे तीन हजार स्टैलियन ट्रक, 3500 एलपीटीए और 592 वाटर बाउजर बनाएगी।

 

इस बार पांच नहीं हजार करोड़ का लक्ष्य

 

वीएफजे सीजीएम संजीव कुमार भोला ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष लक्ष्य से बढ़कर कार्य करने से निर्माणी की साख रक्षा क्षेत्र में निरंतर इजाफा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में वीएफजे को 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था। जबकि चालू वित्त वर्ष 2024-25 में एक हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य उसे मिला है। जिसमें सेना व अर्धसैनिक बलों के लिए महत्वपूर्ण वाहनों का उत्पादन शामिल है।

 

दो दिन तापमान बनाए रखने में सक्षम

 

एलपीटीए की वाटर वाउचर वीएफजे का सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी उत्पादन में से एक है। एलपीटीए की वाटर वाउचर में पानी पेयजल के रूप में उपयोग होता है और 48 घंटे तक एक निश्चित तापमान बनाए रखने में सक्षम है। इसमें एक खास बात 45 डिग्री माइनस और 45 डिग्री प्लस तक में इसमें स्टाेर किया पानी खराब नहीं होता। यह खूबी इंसोलेटेड बाॅडी होने के कारण थर्मस की तरह कार्य करता है। यही कारण है कि प्रतिवर्ष सेना के लिए वीएफजे एक बड़ी खेप एलपीटीए की वाटर वाउचर की बनाकर उसे भेज रही है।

 

दूरस्थ इलाकों को पानी पहुंचाने का कार्य

 

एलपीटीए ट्रक में वाटर वाउचर टैंक को स्थापित किया जाता है और पूरी क्षमता के साथ भरने के बाद इसे देश के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों तक सेना को इस गाड़ी के माध्यम से पेयजल भेजने में मदद होती है। पिछले साल में बड़ी खेप वीएफजे ने तैयार कर सेना को दिए थे।

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