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मध्यप्रदेश

कृषि में स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को विज्ञान और बाजार के गुर सिखाएंगे कृषि विज्ञानी, 30 जून तक दे सकते हैं आवेदन

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेविवि) इन दिनों कृषि क्षेत्र में नई तकनीक लाने वालों की तलाश में जुटा है। इसके लिए वह देशभर में ऐसे स्टार्टअप की तलाश कर रहा है, जो न सिर्फ कृषि पर आधारित हैं बल्कि कृषि का भविष्य भी बदल सकते हैं। इन स्टार्टअप को बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय अपने विज्ञानी, शोधकर्ताओं की मदद से तकनीकी, आर्थिक मदद करने के साथ इनके लिए बाजार भी तैयार करेगा।

विवि के इंस्टीट्यूट आफ एग्री बिजनेस मैनेजमेंट विभाग ने देशभर से कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने वालों से आवेदन मांगे हैं। 30 जून तक आनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदनों की छटनी के बाद इन्हें कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के विज्ञानियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चयनित होने वाले स्टार्टअप को न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी बल्कि उनके स्टार्टअप की मदद से आइसीएआर अपने कृषि और अनुसंधान के कार्य को आगे बढ़ाएगा।

 

इन स्टार्टअप पर ज्यादा जोर

 

विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्री बिजनेस मैनेजमेंट की टीम ने पिछले साल भी यह प्रयास किया था। देशभर से आए स्टार्टअप में से 18 का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ, जिनका प्रस्तुतिकरण आइसीएआर और कृषि मंत्रालय के विज्ञानियों के समक्ष किया गया। इन स्टार्टअप को पांच लाख से लेकर 25 लाख की मदद मिली।

पहली बार चयन से पहले प्रशिक्षण

 

इस बार स्टार्टअप आमंत्रित करने से पहले इंस्टीट्यूट आफ एग्री बिजनेस मैनेजमेंट स्टार्टअप पर काम करने वाले देशभर के लोगों को चार दिनों तक नि शुल्क ऑनलाइन प्रशिक्षण देगा। शुरुआत 20 मई से होगी।

 

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