ब्रेकिंग
पुणे के बाद अब इंदौर में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम: 12 सितंबर को महारानी अहिल्याबाई... कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 11 की मौत, दर्जनों घायल; 10 बुलडोजर से हटाया जा रह... राजस्थान में नए एक्सप्रेसवे पर परिवार ने की 'दावत': सड़क किनारे बैठकर खाना खाते वीडियो वायरल; सोशल म... उन्नाव के भगवंतनगर में उमड़ा बहनों का सैलाब: समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने कराया रक्षाबंधन महोत... 'आरोपियों पर एक्शन नहीं, राहुल पर केस दर्ज': जयराम रमेश बोले- 24 घंटे में साबित हो गया दलितों के साथ... मुंबई में सीढ़ियों पर साइकिल खड़ी करने पर 15 लाख का जुर्माना: बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द किया फैसला, स... ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में गैंगरेप: फिरोजाबाद कनेक्शन आया सामने; बस मालिक ने पुलिस को दी ड... पीएम स्वनिधि से बदली जिंदगी, पर अब आजीविका पर संकट; बेंगलुरु की इडली-डोसा वेंडर टीएस निंगम्मा की दास... कौशांबी पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट: 10 की मौत, कई मकान जमींदोज; 2 किमी तक गूंजा धमाका खन्ना: जमीन विवाद में रिटायर्ड ASI ने निगला जहरीला पदार्थ, पुलिस ने धमकी और दबाव बनाने के आरोप में द...
देश

‘बच्चों को बचाने में मुझे और शौहर को लगी गोलियां…’, घायल ने सुनाई कश्मीर में आतंकी हमले की कहानी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में घायल हुई फरहा खान गुरुवार को जयपुर पहुंची. उनके पति तबरेज को इलाज के लिए चेन्नई भेजा गया है. दोनों पति-पत्नी जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके के रहने वाले हैं. दोनों अपने बच्चों के साथ कश्मीर घूमने गए थे. वह सभी एक रिजॉर्ट में रुके हुए थे. 19 मई को आतंकियों ने रिजॉर्ट पर फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों लोग घायल हो गए. फरहा के कंधे में गोली लगी. वहीं, उनके पति तबरेज की आंखों में गंभीर चोट आई.

फरहा को इलाज के बाद फ्लाइट के जरिए कश्मीर से दिल्ली लाया गया, जहां से जयपुर उनके घर भेजा गया. इस दौरान उनके परिजन साथ रहे. आतंकी हमले से फरहा बुरी तरह डरी हुई है. वह बार-बार उस मंजर को याद कर सिहर जाती है. अभी भी वह उस हमले को भुला नहीं पा रही है. उस दिन क्या हुआ और वह कैसे इस हमले की चपेट में आए, इसके बारे में फरहा ने सब कुछ बताया.

जब आतंकियों ने किया हमला

फराह ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में वह अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गई थी. 19 मई को वह पहलगाम में एक रिजॉर्ट में रुके थे. दिन में पहलगाम घूमने के बाद वह शाम को रिजॉर्ट आ गए. रात में परिवार के लोग एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे. उनके बच्चे बाहर थे. इस दौरान उन्हें कुछ आवाज सुनाई दी. उन लोगों ने सोचा कि यह आवाज तारों की टकराने की होगी. लेकिन, जब उन्होंने देखा कि बाहर आतंकी हमला हुआ है और गोलियां चल रही हैं, वह तुरंत बच्चों को बचाने के लिए भागे.

पति-पत्नी को लगी गोलियां

फरहा और उनके शौहर तबरेज जब बाहर बच्चों को बचाने आए तो वह आतंकियों की फायरिंग की चपेट में आ गए. फरहा ने बताया कि दोनों को आतंकियों की गोली लग गई. उनके कंधे और पति तबरेज की आंखों में गंभीरे चोटे आईं. हमले से वह बुरी तरह घबरा गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे. फायरिंग करने के बाद आतंकी वहां से फरार हो गए. फरहा कहती हैं कि घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने उनकी बड़ी मदद की. उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. वहां उसका इलाज किया गया. तबरेज की आंखों में गंभीर चोट आने पर उन्हें चेन्नई रेफर कर दिया. फरहा ने सरकार से अपने पति के लिए आंखें डोनेट कराने की मांग की है.

Related Articles

Back to top button