ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...
धार्मिक

विनायक चतुर्थी पर इस तरह करें गणपति बप्पा को प्रसन्न, जानें शुभ मुहूर्त, और पूजन विधि

हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का विशेष स्थान माना जाता है. सभी शुभ और मांगलिक कार्यों का आरंभ गणेश जी की पूजा के साथ ही होता है. विनायक चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित होता है. प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विशेष कृपा पाने के लिए उनकी पूजा की जाती और व्रत रखा जाता है. आइए जानते हैं जून के महीने में विनायक चतुर्थी किस दिन है, इस दिन की क्या पूजा विधि है और इस व्रत का क्या महत्व है.

जून 2024 में कब है विनायक चतुर्थी

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 जून 2024 की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन 10 जून 2024 की दोपहर को 4 बजकर 14 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, विनायक चतुर्थी का व्रत इस बार 10 जून 2024, दिन सोमवार के दिन रखा जायेगा.

विनायक चतुर्थी 2024 पूजा विधि

विनायक चतुर्थी के दिन सुबह सूर्य उदय होने से पहले उठना चाहिए और अपने इष्ट देवी-देवता को स्मरण करना और उनको प्रणाम चाहिए. इसके बाद घर की साफ सफाई करनी चाहिए और फिर स्नान करके साफ वस्त्र धारण करने चाहिए. अब पूजा स्थल या घर के मंदिर की अच्छे से साफ सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर पूजन स्थल को शुद्ध करें. अब एक चौकी पर पीला या लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.

इसके बाद गणेश जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं और रोली, चावल से तिलक करें. अब फूल या पुष्प माला अर्पित करें. भोग के लिए फल और गणेश जी की प्रिय मिठाई गणेश जी को अर्पित करें. गणेश जी को मोदक और दूर्वा घास बेहद प्रिय हैं, इसलिए उनकी कृपा पाने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. इसके बाद आरती करें. पूजा के अंत में गणेश जी कृपा, सुख, समृद्धि और धन वृद्धि के लिए गणेश जी से प्रार्थना करें और भोग लगाकर प्रसाद का वितरण करें.

गणेश जी का इस मंत्र से करें पूजन

विनायक चतुर्थी की पूजा के दौरान मंत्रों का जाप और गणेश चालीसा का पाठ करना भी शुभ फलदायी माना जाता है. इसलिए विनायक चतुर्थी पर गणेश मंत्र का जाप करना बहुत शुभफलदाई माना जाता है.

गणेश मंत्र:

त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

गणेश चतुर्थी व्रत का महत्व

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने का बहुत अधिक महत्व माना जाता है. मान्यता के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के जीवन में गणेश जी की कृपा बरसती है जिसके परिणाम स्वरूप साधक के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है और साधक को सभी प्रकार के कष्टों और संकटों से छुटकारा मिल जाता है. इस व्रत के प्रभाव से साधक को जीवन में सफलता प्राप्त होती है.

Related Articles

Back to top button