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उत्तरप्रदेश

दिन में घर और शाम में जेल… जिस बैरक में बंद रहे मुख्तार अंसारी वहीं कटेगी बेटे की रात

मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को आज यानी सोमवार को कासगंज जिला जेल से उनके पैतृक आवास मोहम्मदाबाद फाटक कड़ी सुरक्षा में ले जाया गया. उन्हें तीन दिन की पैरोल मिली है. अब्बास अंसारी को अपने पिता मुख्तार अंसारी की प्रार्थना सभा मे शरीक होने के लिए सुप्रीम कोर्ट से 12 जून तक कस्टडी पैरोल मिली है. उन्हें एक दिन पहले कासगंज जेल से गाजीपुर जेल लाया गया.

अब्बास अंसारी 10 से 12 जून तक दिन मे अपने घर पर परिजनों के साथ रह सकेंगे. शाम को उन्हें वापस गाजीपुर जेल लाया जायेगा, जहां वह रात बिताएंगे. ये रूटीन 12 जून तक रहेगा. पैरोल खत्म होने के बाद अब्बास अंसारी को 13 जून को वापस कासगंज जेल मे शिफ्ट कर दिया जायेगा. फिलहाल अब्बास अंसारी को भारी सुरक्षा मे गाजीपुर से मुहम्मदाबाद स्थित उनके पैतृक घर ले जाया गया है.

जिस बैरक में थे मुख्तार वहीं गुजरेंगी रातें

अब्बास अंसारी 10 जून से 12 जून तक तीन दिन पैरोल पर रहेंगे. इस बीच वह दिन के उजाले में अपने परिवार के बीच में और शाम होते ही वह गाजीपुर की जिला जेल में पहुंच जाएंगे. तीन दिन तक यह सिलसिला जारी रहेगा. इस बीच तीन रातें वह बैरक नंबर 10 में गुजारेंगे. यह वही बैरक है जहां उनके पिता मुख्तार अंसारी बंद रहे थे.

चित्रकूट से कासगंज जेल किया था शिफ्ट

सुभाषपा विधायक अब्बास अंसारी को प्रयागराज में मनी लांड्रिंग केस के मामले में चित्रकूट जेल में बंद किया गया था. इसी दौरान जेल में पत्नी से चोरी छुपे मिलने के मामले में अधिकारियों को जानकारी मिली और फिर वहां छापेमारी कर दोनों को रंगे हाथों पकड़ा था. पत्नी निकहत के पास से विदेशी करेंसी और मोबाइल बरामद हुआ. इसके बाद पत्नी को भी जेल भेज दिया गया और अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल से शिफ्ट कर कासगंज जेल भेजा गया था.

28 मार्च को हुई थी मुख्तार अंसारी की मौत

अब्बास अंसारी के पिता मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को बांदा के जेल में निरुद्ध रहने के दौरान वहां के अस्पताल में मौत हुई थी. जिसको लेकर परिजनों ने जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया था. वहीं, प्रशासन के द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हार्ट अटैक का मामला बताया गया था. इस घटना के पूर्व से ही अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है. उन्होंने अपने पिता के जनाजे में शामिल होने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई थी.

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