ब्रेकिंग
Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न... Sahibganj Murder Mystery Solved: साहिबगंज में गौरचंद्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई ही निकला...
दिल्ली/NCR

दिल्ली में रिज क्षेत्र में पेड़ की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA को दिए ये निर्देश

दिल्ली में रिज क्षेत्र में पेड़ की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को वर्तमान और भविष्य में पेड़ों की कटाई पर निर्देश दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए की ओर से पेड़ों के काटे जाने पर विस्तृत जांच कराने का प्रस्ताव दिया. कोर्ट ने कहा कि पेड़ों की कटाई मूल्यवान पेड़ नष्ट हो गए और परिणामस्वरूप पर्यावरण को नुकसान हुआ.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले को हल्के में नहीं लेगा. कोर्ट ने कहा कि यदि अधिकारी अपने वैधानिक और संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो अदालत को सभी अधिकारियों को स्पष्ट संकेत देना होगा कि पर्यावरण को इस तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है.

एलजी की साइट विजिट का रिकॉर्ड कराएं उपलब्ध

सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया. इसके साथ ही 3 फरवरी को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की साइट विजिट का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डीडीए के कार्यकारी अभियंता द्वारा ठेकेदार को भेजे गए ईमेल में कहा गया था कि एलजी ने साइट विजिट के बाद पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया था.

कोर्ट द्वारा डीडीए उपाध्यक्ष की ओर से पेश वकील से स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उनका कहना है कि एलजी का दौरा दूसरी साइट पर था. सर्वोच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि डीडीए के वैधानिक प्रमुख होने के नाते एलजी न्यायिक समीक्षा के लिए उत्तरदायी हैं और वह सच्चाई का पता लगाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि जांच रिपोर्ट एलजी के कथित दौरे के बारे में चुप थी.

रिज क्षेत्र में पेड़ की कटाई से सुप्रीम कोर्ट चिंतित

पिछली सुनवाई में, शीर्ष न्यायालय ने डीडीए उपाध्यक्ष से पूछा था कि पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने वाले अपने आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन करने के लिए उन पर अदालत की आपराधिक अवमानना ​​का मुकदमा क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि डीडीए उपाध्यक्ष ने पेड़ों की कटाई को कम करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजकर एलजी को गुमराह किया है.

सर्वोच्च न्यायालय का मानना ​​था कि अनिवार्य वनरोपण की वैधानिक आवश्यकता के अलावा, डीडीए द्वारा काटे गए प्रत्येक पेड़ के लिए 100 नए पेड़ लगाए जाने चाहिए.

यह अवमानना ​​याचिकाओं पर विचार कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया था कि छतरपुर रोड और मैदान गढ़ी के पास सार्क विश्वविद्यालय के बीच एक संपर्क मार्ग बनाने के लिए डीडीए द्वारा रिज में बड़ी संख्या में पेड़ों को काटा गया था. पहले के आदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि रूपात्मक रिज वाले अन्य क्षेत्रों को संरक्षित करने की आवश्यकता है और वहां निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

Related Articles

Back to top button