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मध्यप्रदेश

कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर जिला अस्पताल पहुंचा युवक, ऐसे पकड़ा गया

 सागर। सागर जिला अस्पताल में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर की पोस्ट के लिए एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंच गया। इसका राजफाश तब हुआ, जब डाॅक्टरों ने उसका मेडिकल के पूर्व दस्तावेज देखे। युवक को यह नियुक्ति पत्र मकरोनिया में एक शख्स ने दिया था।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व भी एक और शख्स इसी तरह का फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर आया था। कुल मिलाकर सागर शहर में बेरोजगार युवकों को पैसे लेकर नौकरी लगवाने वाला गिरोह घूम रहा है, जो खुलेआम ठगी कर रहे हैं।

यह बात मंगलवार की है, जब सागर जिला अस्पताल में मेडिकल बोर्ड बैठा हुआ था। सुबह करीब 11 बजे मेडिकल बोर्ड के समक्ष रजाखेड़ी निवासी सिक्की समाधिया नाम का एक युवक कप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति लेने आया। युवक ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अस्पतालों में होने वाली कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति का पत्र साथ में लाकर दिखाया।

पत्र में जिला अस्पताल के डायरेक्टर के हस्तक्षर थे। वहां मौजूद डाॅक्टरों और लिपिकों ने जब युवक द्वारा दिखाए गए पत्र को देखा तो उन्हें संदेह हुआ।

नियुक्ति पत्र रंगीन था, जो कि नहीं होता है, साथ ही पत्र के नीचे जिला अस्पताल के डायरेक्टर का पद लिखते हुए नाम का जिक्र नहीं था। जबकि जिला अस्पताल में डायरेक्टर जैसा कोई पद नहीं होता।

जिला अस्पताल का सर्वोसर्वा अधिकारी सिविल सर्जन होता है। लेटर का ले आउट और पद और हस्ताक्षर देखकर संदेह हो गया, जिसके बाद उसे सिविल सर्जन के कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की गई।

फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ नौकरी करने आए युवक का नाम सिक्की समाधिया बताया गया। युवक रजाखेड़ी में कम्प्यूटर की दुकान संचालित करता है।

पूछताछ के दाैरान युवक ने बताया कि एक दिन उसकी दुकान पर शुभम चतुर्वेदी नाम का एक शख्स आया, जिसने जिला अस्पताल में उसकी नियुक्ति करवाने की बात कही थी।

उसी ने सिक्की से एक फार्म भरवाकर उससे कुछ रुपये लिए और कुछ दिन बाद मोबाइल पर नियुक्ति पत्र भिजवा दिया। लेटर में 25 जून को जिला अस्पताल में ज्वाॅइन करने का लिखा था।

पूछताछ के दौरान युवक ने ज्वाॅइनिंग लेटर देने वाले शख्स का नंबर भी दिया, जिसमें काॅल करने पर उस पर दूसरे व्यक्ति ने बात की। जिसने बताया कि शुभम इस तरह के काम करता रहता है और नंबर मेरा दे रखा है।

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