मध्यप्रदेश
निपानिया की गोशाला में छोड़े थे 77 गोवंश, पांच की तड़प-तड़पकर मौत, शव हो चुके थे कंकाल
भोपाल। जिले में अभी आसरा पशुगृह में मिले मृत गोवंश का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि निपानिया सूखा के करदई गांव में स्थित गोशाला में गोवंश की मौत का नया मामला सामने आ गया। दरअसल यहां पर नगर निगम द्वारा 77 गोवंश छोड़े गए थे। इनमें कुछ गोवंश बीमार भी थे, जिन्हें उचित उपचार नहीं मिला। साथ ही न तो उनकी देखरेख की जा रही थी और चारा भी समय पर नहीं दिया जा रहा था। इस वजह से पांच गोवंश की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
इसके बाद भी मामले को दबाए रखा गया। जब इंटरनेट मीडिया पर इसके वीडियो प्रसारित हुए तो घटना का पता चला। तब तक गोवंश के शव कंकाल बन गए थे। वहीं घटना का पता चलते ही पुलिस, प्रशासन के अधिकारी गोशाला पहुंचे और निरीक्षण कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले माह भेजे गए थे गोवंश
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत फंदा की पंचायत निपानिया सूखा के गांव करदई में समिति द्वारा गोशाला का संचालन किया जाता है। जिसमें लगभग 100 गोवंश रखने की क्षमता है। यहां पर जुलाई के महीने में नगर निगम भोपाल के अमले ने करीब 77 गोवंश को छोड़ा था। इनमें कुछ गोवंश गंभीर रूप से बीमार थे, जिनको उपचार की आवश्यकता थी। इसी बीच गोशाला से बदबू आने पर गांव के कुछ लोगों ने जाकर देखा तो वहां पर गोवंश मृत हालत में मिले। इस घटना का वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के साथ ही आला अधिकारियों को भी जानकारी दी गई।
इसके बाद मौके पर पहुंची जिला पंचायत की टीम ने गोशाला का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि वहां पर पांच गोवंश की मौत हो चुकी थी और उनके शव भी सड़ने लगे थे। टीम ने पंचनामा बनाकर कार्रवाई करते हुए गोवंश के शवों को दफन कर दिया है। बताया जा रहा है कि गोशाला का संचालन एक समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें रामबाबू दांगी सहित अन्य लोग शामिल हैं।
गोशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार
करदई में संचालित गोशाला में भले ही निगम अमले ने गोवंश छोड़ दिए हों, लेकिन इनके लिए कोई सुविधा नहीं थी। गोशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। गोशाला में गोवंश के लिए न तो पर्याप्त भूसा, चारा उपलब्ध है और न ही नियमित रूप से सफाई की जाती है। वहीं गोवंश के उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा गोवंश की देखरेख करने वाला भी कोई मौजूद नहीं हैं। यहां गोवंश लावारिस हालत में छोड़ दिए गए थे।
निपानिया सूखा पंचायत के करदई गांव की एक गोशाला में गोवंश लावारिस हालत में होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो पता चला कि नगर निगम द्वारा 77 गोवंश छोड़े गए थे, जिनमें से पांच के शव मिले हैं, जिन्हें दफन करवा दिया गया है। पंचनामा बनाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
– शंकर नामदेव पांसे, सीईओ, जनपद पंचायत फंदा






