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मध्यप्रदेश

कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने किया राष्ट्रगान और महिला कार्यकर्ता का अपमान, पीसीसी चीफ के निर्देश की भी उड़ाई धज्जियां

भोपाल/बुधनी : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरा देश झंडा वंदन कर इस पर्व को मना रहा था, वही सीहोर जिले की बुधनी में राष्ट्रगान और महिला अपमान का मामला सामने आया है। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश शासन ने सीहोर जिले में महिला मंत्री कृष्णा गौर से झंडा वंदन कराया, वहीं दूसरी तरफ सीहोर के बुधनी में ही कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री रहे प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार पटेल झंडा वंदन के दौरान राष्ट्रगान और अपनी ही पार्टी की महिला कार्यकर्ता का अपमान करते नजर आए। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर यह देखा जा सकता है कि किस तरह पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल झंडा वंदन करने के लिए महिला कार्यकर्ता से उलझ पड़े, साथ ही जब कार्यक्रम में मौजूद बच्चों ने राष्ट्रगान शुरू किया, उस वक्त कांग्रेस नेता पटेल चहलकदमी करते नजर आए। इस दौरान उनकी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से तीखी बहस भी हुई।

दरअसल यह पूरा मामला सीहोर जिले की बुधनी का है। जहां पर कुछ समय बाद विधानसभा का उपचुनाव होना है। जिसमें एक बार फिर बुधनी से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल अपनी दावेदारी जता रहे हैं। 15 अगस्त को जब बुधनी में मस्जिद के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता ध्वजारोहण कर रहे थे, उस वक्त राजकुमार पटेल वहां मौजूद थे। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के निर्देश अनुसार महिला कार्यकर्ताओं से पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना था। लेकिन इन मौके पर राजकुमार पटेल ने वहां पहुंचकर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता कंचन शर्मा को झंडा वंदन करने से रोका। साथ ही खुद ही झंडा वंदन करने के लिए पहुंच गए। इस पर जब कंचन शर्मा के पति और कांग्रेस के ही नेता संजय शर्मा ने राजकुमार पटेल को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के निर्देश याद दिलाए, तो पटेल और संजय शर्मा के बीच तीखी बहस भी हो गई। जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच बचाव कर बेहस को खत्म कराया और उसके बाद कंचन शर्मा और राजकुमार पटेल ने ब्लॉक अध्यक्ष के साथ मिलकर झंडा वंदन किया। इस नोकझोंक के दौरान राजकुमार पटेल राष्ट्रगान का सम्मान भी भूल गए और जब कार्यक्रम में मौजूद स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगान का गायन शुरू किया, उस वक्त वे झंडे की रस्सी बांधते हुए और चहल कदमी करते साफतौर पर वीडियो में देखे जा सकते हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और उसको लेकर बुधनी के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी बेहद आक्रोश की खबर आ रही है।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दिए थे निर्देश, पूरे प्रदेश में महिला कार्यकर्ताओं से कराना था ध्वजारोहण

दरअसल कुछ ही दिन पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी जिला अध्यक्षों को यह निर्देश दिए थे, की 15 अगस्त को कांग्रेस के सभी कार्यक्रमों में महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं से ही ध्वजारोहण कराया जाएगा। साथ ही महिला कार्यकर्ताओं को सम्मान भी दिया जाएगा। लेकिन बुधनी में प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार पटेल पीसीसी चीफ पटवारी के निर्देशों की साफतौर पर धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। अब इस घटना को लेकर बुधनी के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष से राजकुमार पटेल की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

पटेल का विवादों से है पुराना नाता, गलत फॉर्म भरकर विदिशा से सुषमा स्वराज को दे चुके हैं वॉकओवर

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और दिग्विजय सिंह सरकार में प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहे राजकुमार पटेल का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2009 में जब कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को विदिशा लोकसभा सीट से बीजेपी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज के सामने मैदान में उतारा, उस वक्त राजकुमार पटेल ने चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन फॉर्म ही गलत भर डाला था। जिससे कि सुषमा स्वराज को विदिशा लोकसभा में कांग्रेस की तरफ से वॉक ओवर मिल गया था और इस मामले में कांग्रेस की देशभर में बेहद किरकिरी हुई थी। जिसके बाद राजकुमार पटेल को 6 सालों के लिए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित भी कर दिया गया था। राजकुमार पटेल बुधनी विधानसभा बकतरा से ताल्लुक रखते हैं और किरार समाज से आते हैं और इसी के चलते उन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी होने के भी आरोप लगते रहे हैं। अब देखना होगा कि महिला कार्यकर्ता के अपमान पीसीसी चीफ के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने और राष्ट्रगान के अपमान को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी राजकुमार पटेल पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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