ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: मुंगेली के सरगांव स्थित प्लांट में औद्योगिक दुर्घटना; झुलसे मजदूरों को किया गया र... Chhattisgarh Murder Case: दुर्ग में पत्थर और कटर से युवक को मौत के घाट उतारा; सबूत मिटाने कुएं में फ... Ludhiana ATM Theft: बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM से 17.98 लाख की चोरी; पुलिस ने 2 शातिर चोरों को किया गिरफ्... Ajnala BSF Operation: अजनाला में बीएसएफ की बड़ी कामयाबी; भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद Punjab State Lottery Result: बठिंडा में टैक्सी चालक की खुली किस्मत; डियर समर बंपर लॉटरी में जीता 3 क... Amritsari Kulcha GI Tag: अमृतसरी कुलचा को मिलेगी वैश्विक पहचान; GI टैग दिलाने के लिए जिला प्रशासन की... Teachers Protest in Ludhiana: नॉन-एकेडमिक ड्यूटी के विरोध में उतरे शिक्षक; डीसी हिमांशु जैन ने दिया ... Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून से पहले मौसम मेहरबान; कई जिलों में बारिश, जानें 21 जून तक का... Srinagar Crime News: अलोची बाग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 7 ग्राम हेरोइन के साथ निलंबित कांस्टेबल गि... Dinanagar Fraud Case: विदेश भेजने के नाम पर 41.50 लाख की ठगी; पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया...
हिमाचल प्रदेश

EVM की बैटरी परसेंटेज से चुनाव नतीजों पर असर! जानिए क्या है आरोप और चुनाव आयोग का जवाब

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे सबके सामने हैं. जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के दम पर कांग्रेस को जश्न का मौका मिला, लेकिन हरियाणा में उसे निराशा हाथ लगी. सत्ता पर काबिज होने का उसका इंतजार और बढ़ गया. हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस ने EVM में बैटरी के प्रतिशत का मुद्दा उठाया. उसने आरोप लगाया कि जहां बैटरी 99 प्रतिशत होती है वहां बीजेपी जीतती है और जहां 60-70 प्रतिशत होती है वहां कांग्रेस जीतती है. कांग्रेस के आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया. ईसी ने कहा कि ईवीएम की शुरुआत के दिन उम्मीदवारों की मौजूदगी में कंट्रोल यूनिट में नई बैटरियां डाली जाती हैं और उन्हें सील कर दिया जाता है.

पहले जानते हैं कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया. 8 अक्टूबर को जब नतीजे आ रहे थे तब कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हिसार, महेंद्रगढ़ और पानीपत जिलों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आई हैं तथा जिन ईवीएम की बैटरी 99 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस उम्मीदवारों की हार हुई है, लेकिन जिनकी बैटरी 60-70 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस की जीत हुई है.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, क्या आप इस षड्यंत्र को समझ गए हैं? जहां 99 प्रतिशत बैटरी होती है वहां बीजेपी जीतती है और जहां 60-70 प्रतिशत बैटरी है वहां कांग्रेस जीतती है. यह षड्यंत्र नहीं है तो और क्या है.

आरोपों पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम की कंट्रोल यूनिट में एल्केलाइन बैटरियों का इस्तेमाल किया जाता है. ईवीएम की शुरुआत के दिन उम्मीदवारों की मौजूदगी में कंट्रोल यूनिट में नई बैटरियां डाली जाती हैं और उन्हें सील कर दिया जाता है. शुरू में बैटरी 7.5 से 8 वोल्ट के बीच वोल्टेज देती है. इसलिए, जब वोल्टेज 7.4 से ऊपर होता है, तो बैटरी की क्षमता 99 प्रतिशत दिखाई देती है. ईवीएम के इस्तेमाल से इसकी बैटरी की क्षमता और इसके परिणामस्वरूप वोल्टेज कम हो जाता है. वोल्टेज 7.4 से नीचे जाने पर बैटरी की क्षमता 98 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक प्रदर्शित होती है.

कंट्रोल यूनिट तब तक काम करती है जब बैटरी में 5.8 वोल्ट से ज्यादा वोल्टेज होता है. ऐसा तब होता है जब बैटरी की क्षमता 10 प्रतिशत से ज्यादा रह जाती है और कंट्रोल यूनिट डिस्प्ले पर बैटरी बदलने की चेतावनी दिखाई देती है. यह उस संकेत के समान है जो किसी वाहन में तब प्रदर्शित होता है जब इंजन बहुत कम बचे ईंधन पर चल रहा होता है.

क्या होती है EVM?

एक ईवीएम में तीन इकाइयां होती हैं. एक मतपत्र इकाई, प्रभारी अधिकारी के लिए. एक नियंत्रण इकाई जो यह सुनिश्चित करती है कि एक मतदाता केवल एक बार मतदान कर सके. एक मतदाता-सत्यापन योग्य-पेपर-ऑडिट-ट्रेल (वीवीपीएटी) इकाई, जो एक पेपर बनाती है. कंट्रोल यूनिट को प्रभारी अधिकारी के बगल में रखा जाता है जबकि अन्य दो यूनिट को मतदाताओं के लिए निजी तौर पर अपनी पसंद बनाने के लिए मतदान कक्ष में रखा जाता है.

हर कंट्रोल यूनिट और मतपत्र इकाई को एक विशिष्ट आईडी नंबर दिया जाता है, जो प्रत्येक इकाई पर अंकित होता है. किसी विशिष्ट मतदान केंद्र में उपयोग की जाने वाली ईवीएम (बैलेटिंग यूनिट और कंट्रोल यूनिट) की आईडी नंबर वाली एक सूची तैयार की जाती है और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को प्रदान की जाती है.

ईवीएम की कंट्रोल यूनिट चुनाव के नतीजों को 10 साल तक अपनी मेमोरी में स्टोर कर सकती है. 2000 से 2005 वाली ईवीएम में ज्यादा से ज्यादा 3850 वोट पड़ सकते थे. वहीं, ईवीएम के नए वर्जन में 2000 से ज्यादा वोट पड़ सकते हैं.

Related Articles

Back to top button