Teachers Protest in Ludhiana: नॉन-एकेडमिक ड्यूटी के विरोध में उतरे शिक्षक; डीसी हिमांशु जैन ने दिया समाधान का आश्वासन

लुधियाना: शिक्षा क्रांति के दावों के बीच लुधियाना में सरकारी शिक्षक नॉन-एकेडमिक ड्यूटी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब (जिला लुधियाना) के जिला जनरल सेक्रेटरी रूपिंदर पाल गिल के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें जबरदस्ती गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है।
📊 शिक्षकों की मुख्य समस्याएं और आरोप
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को BLO, SIR, सेंसस-2027 और अब ड्रग/सोशल इकोनॉमिक सेंसस में लगाया जा रहा है। नेताओं का तर्क है कि सरकार ने ड्रग सेंसस को पूरी तरह ‘वॉलंटरी’ (स्वैच्छिक) बताया था, लेकिन ज़िला स्तर पर अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को दबाव में ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा, ड्यूटी लगाने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कुछ शिक्षकों को बार-बार ड्यूटी दी जा रही है, जबकि कुछ अन्य कर्मचारियों को पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
🤝 प्रशासन का आश्वासन और भविष्य की रणनीति
बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने शिक्षक नेताओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन शिक्षकों ने पहले ही सेंसस या अन्य प्रशासनिक ड्यूटी पूरी कर ली है, उन्हें ड्रग सेंसस में दोबारा ड्यूटी नहीं दी जाएगी। इसके संबंध में प्रशासन द्वारा जल्द ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएंगे। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।






