ब्रेकिंग
Munger Durga Puja Mahotsav: मुंगेर के दुर्गा पूजा उत्सव में पवन सिंह और रवि किशन का जलवा, फैंस की भी... Rajnath Singh Article: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विपक्ष पर बड़ा हमला, 'पोस्ट-ट्रुथ' राजनीति और दुष... Samajwadi Party Manifesto 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, 26 नवंबर क... Patna Atal Path Accident: पटना के अटल पथ पर दुर्गा पूजा देखकर लौट रहे लोगों पर चढ़ी तेज रफ्तार स्कॉर... Patna Atal Path Accident: पटना के अटल पथ पर दुर्गा पूजा देखकर लौट रहे लोगों पर चढ़ी तेज रफ्तार स्कॉर... 🚨 Tiger Shroff Incident Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, हमलावरों क... Haryana PGT Seniority List Revised: हरियाणा में दिव्यांग श्रेणी के 19 पीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता सू... Haryana Road Safety Initiative: हरियाणा में सड़क किनारे खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का अभियान... HPSC HCS Final Result 2026: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, अभिषेक सरोहा ने किया टॉ... बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटने वाले को 2 लाख का इनाम देंगे सांसद पप्पू यादव
मध्यप्रदेश

पराली जलाने के आरोपित किसानों की नहीं करेंगे पैरवी … हाई कोर्ट बार ने पर्यावरण हित में लिया निर्णय

जबलपुर। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर ने पर्यावरण हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत पराली जलाने के आरोपित किसानों की पैरवी कोई वकील नहीं करेगा। इस संबंध में कार्यकारिणी सभा आहूत कर प्रस्ताव पारित किया जा चुका है।

रसायनिक खाद के अधिक प्रयोग से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित

हाई कोर्ट बार अध्यक्ष अधिवक्ता धन्य कुमार जैन ने बताया कि भूमि को नुकसान होने से किसान रसायनिक खादों का अधिक प्रयोग करने लगते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हाल ही में पराली जलाने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश का प्रथम स्थान होने का तथ्य रेखांकित हुआ है।

अवमानना याचिका : हाई कोर्ट ने उपस्थिति माफ कर दी

हाई कोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्ती बरती। साथ ही नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के प्रमुख सचिव को हाजिर होने के निर्देश जारी कर दिए। जैसे ही यह निर्देश जारी हुए तत्काल प्रभाव से पूर्व आदेश का पालन सुनिश्चित कर दिया गया।

मामला असिस्टेंट रेवेन्यू इंस्पेक्टर की नियुक्ति से जुड़ा है

इस मामले में 17 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव को वर्चुअली हाजिर होने के निर्देश दिए थे। उसके बाद प्रमुख सचिव ने आठ नवंबर को एक आदेश जारी कर नगर निगम रीवा को कहा कि याचिकाकर्ता को नियुक्ति दें।

जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए प्रमुख सचिव की हाजिरी माफ कर दी

जस्टिस एके सिंह की एकलपीठ ने जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए प्रमुख सचिव की हाजिरी माफ कर दी। मामले पर अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। अवमानना याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल पक्ष रख रहे हैं।

कम्प्यूटर दक्षता की अनिवार्यता की शर्त को नजरअंदाज करें

हाई कोर्ट ने 22 फरवरी, 2024 को नगरीय प्रशासन विभाग व अन्य को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता को 30 दिन के भीतर नियुक्ति दें। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नियुक्ति प्रक्रिया में कम्प्यूटर दक्षता की अनिवार्यता की शर्त को नजरअंदाज करें।

क्या है मामला :

अवमानना याचिकाकर्ता शहडोल निवासी अभिलाष प्रजापति का कहना है कि व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने नगर निगमों में असिस्टेंट रेवेन्यू इंस्पेक्टर के 310 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं उत्तीर्ण रखी गई थी।

व्यापमं ने भर्ती नियम के विरुद्ध कम्प्यूटर प्रचालन की दक्षता भी जोड़ा

व्यापमं ने भर्ती नियम के विरुद्ध मान्यता प्राप्त संस्था से कम्प्यूटर प्रचालन की दक्षता भी जोड़ दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने साफ कहा कि भर्ती नियम में दिए प्रविधान के तहत ही विज्ञापन में योग्यता रखी जा सकती है। आदेश का पालन नहीं हुआ तो अवमानना याचिका दायर की गई।

Related Articles

Back to top button