ब्रेकिंग
Raipur Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 लाख के जेवरात के साथ 3 ... Bastar Dussehra 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर में की शिरकत, आदिवासियों से जल-जंगल बचाने क... CM Vishnu Deo Sai on Congress: सीएम विष्णु देव साय का कांग्रेस पर हमला, बोले- आदिवासियों को सिर्फ वो... Power Plant Coal Supply: देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रेलवे की रफ्तार तेज, कोयला लदान में भार... Chirmiri Road Accident: बड़ा बाजार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, कई लोग घायल; अस्पता... Chhindwara News: आजीविका मिशन ने बदली ग्रामीण महिलाओं की किस्मत, समता समन्वयक दीपिका और देवी बनीं आत... Jabalpur News: नगर निगम स्कूल के गरीब बच्चों ने भरी उड़ान, 85% से ज्यादा अंक लाने पर मिला फ्री हवाई ... MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट; पचमढ़ी म... Sheopur News: जयपुर की रंजिश ने लिया खूनी रूप, मौत के बाद श्योपुर-सवाई माधोपुर हाईवे पर शव रखकर प्रद... Bhopal Road Accident: एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा, अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे सर्विस लेन पर गिरा तेज...
उत्तरप्रदेश

42 साल पहले चाकू के लिए बनवाया था लाइसेंस, लेकिन अब आ रही ये दिक्कत, कानपुर के शख्स की कहानी

आपने बंदूक, रिवॉल्वर या अन्य हथियारों के लाइसेंस के बारे में सुना होगा. लेकिन क्या कभी आपने चाकू रखने पर लाइसेंस बनवाने की बता सुनी है? ऐसा होता रहा है और उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक शख्स के पास चाकू रखने का लाइसेंस है. उन्हें यह लाइसेंस अपनी आत्मरक्षा के लिए चाकू रखने के लिए मिला था. यह व्यक्ति शहर के इकलौते शख्स हैं जिनके पास चाकू का लाइसेंस है. यह लाइसेंस 42 साल पहले लिया गया था लेकिन अब इसके रिन्यू कराने में दिक्कत आ रही हैं.

कानपुर के रावतपुर निवासी राकेश यादव के पास 42 साल पहले खरीदा गया करौली चाकू और उसका लाइसेंस मौजूद है. वह शहर के इकलौते शख्स हैं, जिनके पास चाकू का लाइसेंस है. राकेश यादव अपने पास करौली चाकू और उसका लाइसेंस किसी धरोहर की तरह रखे हुए हैं. उन्होंने यह लाइसेंस अपनी आत्मरक्षा के लिए 2 सितंबर 1982 को बनवाया था.

इसलिए बनवाया था चाकू का लाइसेंस

राकेश यादव कलेक्ट्रेट में वाहन चालक के पद पर कार्यरत थे और 2020 में रिटायर्ड हुए. उन्होंने बताया कि 1982 में मजिस्ट्रेट के ऑफिस के पास ही सीजेएम का ऑफिस था. तब मूसानगर के एक बदमाश ने गवाह को गोली मार दी थी, जिसको उन्होंने दबोच लिया था. इस घटना पर मजिस्ट्रेट ने उनसे चाकू के लिए आवेदन कराया और सितंबर 1982 में उनका चाकू का लाइसेंस बन गया था. वह बताते हैं कि तब से उनको अपने चाकू पर भरोसा है और वो हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण कराते हैं.

2020 से नहीं हो रहा रिन्यू

राकेश यादव ने बताया कि 2020 के बाद से उनके चाकू के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है. इस बात से वह काफी परेशान हैं. वह चाहते है कि उनका लाइसेंस रिन्यू किया जाए. इस मामले में एडीएम सिटी राजेश कुमार का कहना है कि इस जमाने में किसी के पास चाकू का लाइसेंस होना ताज्जुब की बात है. चाकू के लाइसेंस का नवीनीकरण हो सकता है या नहीं यह देखना पड़ेगा. अगर शासनादेश में नवीनीकरण का प्रावधान होगा तो रिन्यू होगा, अन्यथा लाइसेंस सरेंडर करना होगा.

Related Articles

Back to top button