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सरकार ने विंडफॉल टैक्स किया खत्म, मुकेश अंबानी ने कमा लिए 24,492 करोड़

सरकार ने महीनों के विचार-विमर्श के बाद सोमवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), क्रूड प्रोडक्ट्स, पेट्रोल और डीजल प्रोडक्ट्स पर विंडफॉल टैक्स को खत्म कर दिया. यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. इस फैसले के बाद से देश की सबसे बड़ी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ ओएनजीसी को भी राहत मिली है. इस फैसले से इन कंपनियों के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन में इजाफा देखने को मिल सकता है. विंडफॉल टैक्स घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर एक स्पेशल टैक्स है, जिसे जुलाई 2022 में ग्लोबल क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बाद लाया गया था. ताकि उत्पादकों द्वारा किए गए अप्रत्याशित लाभ से रेवेन्यू हासिल किया जा सके.

क्रूड ऑयल के साथ सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर (आरआईसी) भी वापस ले लिया है. संसद में नोटिफिकेशन रखा जा चुका है. एक अधिसूचना भी रखी जा चुकी है. सितंबर में, भारत सरकार ने अगस्त में कच्चे तेल पर 1,850 रुपए प्रति टन से अप्रत्याशित कर को खत्म करने की घोषणा की. डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर अप्रत्याशित कर भी समाप्त कर दिया गया.

इस फैसले के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है. कंपनी का शेयर में करीब डेढ़ फीसदी तक की तेजी देखने को मिल चुकी है. जिसकी वजह से कंपनी के मार्केट कैप में करीब 24,500 करोड़ रुपए तक का इजाफा देखने को मिल चुका है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से विंडफॉल टैक्स को लेकर और क्या जानकारी दी गई है.

क्यों की गई थी इसकी शुरुआत

रूस-यूक्रेन वॉर की शुरुआत और क्रेमलिन पर पश्चिम के प्रतिबंधों के दौरान, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की वजह से तेल कंपनियों को जबरदस्त फायदा हुआ था. इस मुनाफे ने एक ऐसा माहौल तैयार किया जहां तेल कंपनियों ने महत्वपूर्ण, एकमुश्त मुनाफा कमाया. इस असाधारण मुनाफे के जवाब में, भारत घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों और निर्यातकों पर विंडफॉल टैक्स लगाकर कई अन्य देशों में शामिल हो गया था. इस कदम का उद्देश्य घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों और निर्यातकों पर अप्रत्याशित कर लगाकर सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना था.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में इजाफा

सरकार के इस फैसले के बाद देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में इजाफा देखने को मिल रहा है. आंकड़ों के अनुसार कंपनी का शेयर कारोबारी सत्र के दौरान करीब डेढ़ फीसदी की तेजी के साथ 1311.05 रुपए के साथ दिन के हाई पर पहुंच गया. वैसे शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी का शेयर 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 1307.55 रुपए पर दिखाई दिया. सुबह देश की सबसे बड़ी कंपनी का शेयर 1291.65 रुपए पर ओपन हुआ था.

ऐसे कमाए 24,492 करोड़ रुपए

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में इजाफे के साथ कारोबारी सत्र के दौरान 24,492 करोड़ रुपए की कमाई कर ली. आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था तो कंपनी का मार्केट कैप 17,48,991.54 करोड़ रुपए था. जो सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान शेयर के हाई पर पहुंचने से 17,73,483.47 करोड़ रुपए हो गया. इसका मतलब है कि कंपनी के मार्केट कैप में अच्छी तेजी देखने को मिली है.

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