ब्रेकिंग
Medical Fraud: सात्विक के खून की रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप, कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने की कार्रव... Uttarakhand Murder Case: वनंतरा रिसॉर्ट कांड के दोषियों को सजा के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, अंकिता ... Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को...
देश

रिटायरमेंट के बाद भी मिशन पर साइलेंट वॉरियर्स, अब ऐसे होगी नए अध्याय की शुरुआत

कुत्तों को इंसान का सबसे वफादार माना जाता है. इसके साथ ही दुश्मन का पता लगाने के लिए भारतीय सेना भी इनका इस्तेमाल करती है. विशेष प्रशिक्षण और अडिग समर्पण से सुसज्जित ये अद्भुत कुत्ते अब विशेष बच्चों के स्कूलों और समाज के नागरिकों के साथ जीवन का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. 246वें रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स दिवस पर भारतीय सेना ने 12 रिटायर्ड कुत्तों को आशा स्कूल और कई नागरिकों को दिया गया है.

ये कुत्ते देश की सेवा में कई ऑपरेशनल परिस्थितियों और कठिन इलाकों में तैनात रहे हैं. विस्फोटकों और माइंस का पता लगाना, हिमस्खलन में फंसे लोगों की जान बचाना, ट्रैकिंग और गार्डिंग जैसे कार्यों में इनकी भूमिका अहम रही है. इन सैनिक कुत्तों ने अपने साहस और धैर्य से देश की सुरक्षा और मानवीय प्रयासों में योगदान दिया है. फिलहाल भारतीय सेना अब देसी नस्लों जैसे रामपुर हाउंड, मुडहोल हाउंड, कोम्बाई, चिप्पिपाराई और राजापालयम को भी इन कामों के लिए तैयार कर रही है.

इन परिवारों को दिए जाएंगे

रिटायर्ड कुत्तों की उपस्थिति विशेष बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है. ये कुत्ते उनके सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक कौशल को विकसित करने में मदद कर रहे हैं. इनके शांत और स्नेही स्वभाव के कारण ये बच्चों के लिए अद्भुत थेरेप्यूटिक साथी बन जाते हैं.

रिटायरमेंट के बाद यहां जाते हैं ये वॉरियर

इन कुत्तों की सेवा के बाद, उन्हें मेरठ कैंट के रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स सेंटर एंड कॉलेज के कैनाइन जेरिएट्रिक सेंटर में लाया जाता है. यहां उन्हें बढ़ती उम्र में भी बेहतरीन देखभाल और सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. भारतीय सेना के रिटायर्ड कुत्तों और घोड़ों के लिए स्पेशल जेरिएट्रिक केंद्र चलाती है, जहां उन्हें उसी सम्मान और देखभाल के साथ रखा जाता है.

भारतीय सेना का यह कदम न केवल मानव और जानवरों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है, बल्कि उनके प्रति सम्मान और करुणा का भी प्रतीक है. यह पहल हमें याद दिलाती है कि सेना अपने सभी योद्धाओं, चाहे वे इंसान हों या जानवर के प्रति कितनी समर्पित है.

Related Articles

Back to top button