Rahul Gandhi and Abhijit Dipke Appeal: इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण न्यास की अपील, त्योहारों के सीजन में दिसंबर तक स्थगित हों प्रदर्शन

इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण न्यास के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सीजेपी (CJP) संस्थापक अभिजीत दीपके से सार्वजनिक प्रदर्शनों को तत्काल रोकने की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान आम जनजीवन, यातायात और व्यापार की रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी प्रकार के प्रदर्शनों को दिसंबर तक स्थगित कर दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रदर्शनों को पूरी तरह रोकना संभव न हो, तो कम से कम उन्हें ऐसे स्थानों और तरीकों से आयोजित किया जाना चाहिए जिससे बाजारों, सड़क यातायात और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
🛍️ त्योहारों का मौसम: सामाजिक-आर्थिक महत्व और व्यापार पर असर
सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने जोर देकर कहा कि भारत में मनाए जाने वाले त्योहार केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के सबसे बड़े अवसर होते हैं।
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नवरात्र और करवा चौथ के बाद धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान बाजारों में करोड़ों लोग खरीदारी के लिए निकलते हैं।
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दिल्ली के व्यापारी इन त्योहारों की तैयारी महीनों पहले से करते हैं, भारी मात्रा में माल खरीदते हैं, कर्मचारियों को रोजगार देते हैं और दुकानों के भारी-भरकम किराए व खर्च वहन करते हैं।
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ऐसे में त्योहारों के मुख्य दिनों में बाजारों तक लोगों की पहुंच बाधित होने, सड़कों पर अवरोध उत्पन्न होने और यातायात के ठप होने से व्यापारियों की आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है।
⚖️ “विरोध के अधिकार के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी”
अपने बयान में न्यास के अध्यक्ष ने लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार के साथ एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
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किसी भी आंदोलन या विरोध की सफलता केवल उसकी आवाज की बुलंदी से नहीं, बल्कि आम जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता से आंकी जानी चाहिए।
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आम जनता की समस्याओं को उठाने के नाम पर खुद आम जनता को ही भारी असुविधा में डालना किसी भी जनहितकारी आंदोलन के उद्देश्य को कमजोर कर देता है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि त्योहारों के पूरे सीजन के दौरान नागरिकों और व्यापारियों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, तो समाज के एक वर्ग में यह गलत धारणा बन सकती है कि आंदोलन के आयोजक हिंदू त्योहारों और समाज की खुशियों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह अपील किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है, बल्कि पूरी तरह से आम नागरिकों, व्यापारियों, श्रमिकों और सामाजिक सद्भाव के व्यापक हित में है। उन्होंने राहुल गांधी और अभिजीत दीपके से आग्रह किया कि वे आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित कर दिसंबर के अंत तक प्रदर्शनों को स्थगित करने की सकारात्मक पहल करें।





