Om Prakash Rajbhar on INDIA Bloc: विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर ओम प्रकाश राजभर का पलटवार, बोले- ‘सब दगे हुए कारतूस’

कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के गंभीर मुद्दे को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का तीखा बयान सामने आया है। राजभर ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि देश की जनता ने ‘इंडिया गठबंधन’ को पूरी तरह नकार दिया है और इन दलों के पास अपने दाوों को साबित करने के लिए वोट चोरी का कोई भी ठोस सबूत नहीं है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने गठबंधन के नेताओं को ‘दगे हुए कारतूस’ करार दिया।
📉 “सालों से सत्ता से बाहर हैं विपक्षी दल”
ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर झूठ का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
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समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव खुद पिछले 10 साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर हैं।
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कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश से करीब 30 साल और बंगाल से 40 साल से सत्ता से बाहर चल रही है।
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उन्होंने कहा कि कई राज्यों से इन पार्टियों का सफाया हो चुका है, ये हर जगह अपनी सत्ता गंवा चुके हैं और आज सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
🗳️ “वोट चोरी का कोई सबूत नहीं, SIR की प्रक्रिया 1952 से जारी”
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए राजभर ने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार केवल उसी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं जो देश में वर्ष 1952 से चली आ रही है। एसआईआर (SIR) का काम कोई नया नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन को असल तकलीफ इस बात की है कि जो लोग कागजों में स्वर्ग या नरक में जा चुके थे (मृत थे), उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। चुनाव के वक्त विपक्ष ऐसे लोगों के नाम जुड़वाकर फर्जी मतदान करवाता था, लेकिन अब मृत लोगों के नाम कटने के कारण फर्जी वोटिंग बंद हो गई है, जिसकी घबराहट विपक्षी दलों के नेताओं में साफ दिखाई दे रही है।





