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नया बिजनेस शुरू करने के लिए 1 करोड़ काफी नहीं, बिड़ला ने क्यों कही ये बात?

आज के समय में लगभग युवा अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है. इसके लिए कोई जॉब रहते रिस्क ले रहा है तो किसी ने इस्तीफा देकर अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया है. इन सब के बीच कुछ लोग ऐसे हैं, जो इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि शुरुआती समय में कैपिटल कितना होना चाहिए. इसका सही जवाब व्यक्ति कौन सा बिजनेस शुरू करना चाहता है. उसे देखकर ही दिया जा सकता है, लेकिन निखिल कामथ के पॉडकास्ट पर आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि आज के समय में किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए 1 करोड़ रुपए पर्याप्त नहीं हैं.

बिड़ला के पास 1 करोड़ हो तो वो क्या करेंगे?

उन्होंने कहा कि आप केवल 1 करोड़ रुपए में कितना कुछ कर सकते हैं? पैमाना महत्वपूर्ण है, और प्रभाव डालने के लिए पर्याप्त पूंजी आवश्यक है. अगर मेरे पास इतना ही है तो मैं इसे बैंक में रखना पसंद करूंगा. उभरते उद्यमियों को बिड़ला की सलाह सीधी थी. वह करें जो आपको करना पसंद है, जुनून को जीवित रखें और एक बेहतरीन टीम बनाएं. एक मजबूत टीम महत्वपूर्ण है क्योंकि कोई भी नेता अकेले बहुत कुछ हासिल नहीं कर सकता है.

उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है. प्रासंगिक बने रहने के लिए आपको अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करने की आवश्यकता है.” कपड़ा से लेकर सीमेंट और आभूषण तक समूह के विविधीकरण पर चर्चा करते हुए, बिड़ला ने वित्तीय सेवाओं और खुदरा जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसरों को भुनाने के पीछे की रणनीति साझा की.

जब 18 बार आपा खो बैठे बिड़ला

जब भारत ने निजी उद्यम के लिए नए क्षेत्र खोले. जैसे कि म्यूचुअल फंड और बीमा. हम उन अवसरों को खोना नहीं चाहते थे. यह राष्ट्रीय रुझानों के साथ तालमेल बिठाने और एक समूह के रूप में अपनी ताकत का लाभ उठाने के बारे में है.

नेतृत्व पर, बिड़ला ने अनुशासन की एक अनूठी भावना का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि मैंने 29 वर्षों में केवल 18 बार अपना आपा खोया है, उन्होंने कॉर्पोरेट सेटिंग में गुस्से को प्रतिकूल माना. उन्होंने कहा कि विश्वास प्रतिनिधिमंडल की नींव है, जबकि सहज ज्ञान नियुक्ति निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ट्रैक रिकॉर्ड देखें, उनसे बात करें.

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