ब्रेकिंग
सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क... रूढ़ियों को तोड़ा: बुरहानपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटी ने मां को दी मुखाग्नि, पति के सपोर्ट से निभ... उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण माह में बना नया कीर्तिमान: पहली बार 1.57 करोड़ से अधिक भक्तों ने किए ... सतना-चित्रकूट में बाढ़ का विकराल रूप: मंदाकिनी नदी उफान पर, चारों तरफ से संपर्क टूटा; NDRF व SDERF क... एम्स भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं का महा-विस्तार: नवंबर से रोबोटिक सर्जरी, ₹7500 में PET-CT और फेफड़... खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तब...
छत्तीसगढ़

नक्सलियों से जवान को छुड़ाया, पत्रकार के हौसले का 3 साल पुराना Video…कौन थे मुकेश चंद्राकर?

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से देश के पत्रकारों में गम और गुस्सा है. उनका शव बीजापुर की चट्टानपारा बस्ती में सड़क ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस के सेप्टिक टैंक में मिला. वे 1 जनवरी से गायब थे और उनके मोबाइल की लास्ट लोकेशन उसी फार्म हाउस की थी. पत्रकार मुकेश चंद्राकर अपनी साहसी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे. वे नक्सलियों के गढ़ में जाबांजी के साथ खबरों को सभी के सामने लेकर आते थे.

मुकेश चंद्राकर एक बड़े मीडिया संस्थान से जुड़ने के साथ खुद का भी यूट्यूब चैनल चलाते थे. उनके चैनल पर डेढ़ लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. उनकी तेज-तर्रार पत्रकारिता से कई पीड़ितों को इंसाफ मिला. उनकी पत्रकारिता उस समय चर्चा में आई जब वह नक्सलियों के चंगुल से एक सीआरपीएफ जवान को बचाकर ले आए थे. उस दौरान पूरे देश ने मुकेश चंद्राकर के जज्बे और उनकी साहसिक पत्रकारिता को सराहा था.

नक्सलियों से ले आए थे CRPF जवान को

पत्रकार मुकेश चंद्राकर बीजापुर के रहने वाले थे. वह नक्सलियों और स्थानीय समस्यों पर रिपोर्टिंग करते थे. उन्होंने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर भी कई स्टिंग किए. बीते दिनों उन्होंने एक सडक निर्माण में हुए घोटाले को उजागर किया था. मुकेश नक्सलियों के बीच भी पत्रकारिता किया करते थे. उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दम पर एक सीआरपीएफ जवान को नक्सलियों के चंगुल से छुड़ाया था.

साल 2021 में नक्सली हमले में 23 जवान शहीद हुए थे. इस बीच नक्सली एक जवान को अगवा कर ले गए थे. जब इसकी जानकारी मुकेश को हुई तो उन्होंने नक्सलियों से बातचीत की. वह नक्सलियों से आग्रह कर जवान को अपनी बाइक पर बैठा लाए थे.

1 जनवरी से गायब, दो दिन बाद मिला शव

जाबांज पत्रकार मुकेश चंद्राकर एक जनवरी से गायब थे. उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ जा रहा था. मुकेश का शव 3 जनवरी को सैप्टिक टैंक से बरामद हुआ. घटनास्थल एक फार्म हाउस है, जो ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का है. आरोप है कि मुकेश चंद्राकर ने सुरेश द्वारा निर्माण कराई जा रही सड़क में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोली थी. मुकेश के भाई युकेश चंद्राकर का आरोप है कि इसी से नाराज होकर ठेकेदार सुरेश और उसके भाई ने मुकेश की हत्या कर दी. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. आरोपी सुरेश के भाई सहित तीन लोगों को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने उन्हें बीजापुर लेकर आई है. उनसे पूछताछ की जा रही है.

Related Articles

Back to top button