सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्गों का होगा पुनर्निर्माण

जशपुर (छत्तीसगढ़): लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण जशपुर जिले और पूरे सरगुजा संभाग में सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार को जशपुर प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आश्वासन दिया कि बारिश की वजह से जहां कहीं भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मानसून की समाप्ति के तुरंत बाद उनके कायाकल्प और नवीनीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में डामरीकरण और रखरखाव का काम तकनीकी रूप से कठिन होता है, किंतु आम जनता की परेशानी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
🛣️ ‘फिर चकाचक होंगी जशपुर की सड़कें’: अधिकारियों को दिए गए विस्तृत दिशा-निर्देश
सड़क निर्माण की रूपरेखा और प्रशासनिक तैयारी:
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पुनर्निर्माण की तैयारी: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि मानसून के समाप्त होते ही पीडब्ल्यूडी (PWD) और संबंधित निर्माण एजेंसियां बड़े पैमाने पर सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू करेंगी।
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अधिकारियों को निर्देश: उन्होंने बताया कि संभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों को क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कर मरम्मत एवं पुनः निर्माण के एस्टीमेट तैयार करने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
♟️ अखिल भारतीय शतरंज प्रतियोगिता में पहुंचे डिप्टी सीएम: सरगुजा संभाग को दी प्राथमिकता
कार्यक्रम और मीडिया संवाद:
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कार्यक्रम में उपस्थिति: उपमुख्यमंत्री जशपुर में आयोजित अखिल भारतीय फिडे (FIDE) रेटेड शतरंज प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
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संभाग की चिंता: मीडिया द्वारा जशपुर और सरगुजा संभाग की खस्ताहाल सड़कों पर पूछे गए प्रश्नों पर उन्होंने कहा कि नागरिकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है; संभाग के सभी प्रमुख मार्गों को सुगम बनाना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
⚠️ इन प्रमुख मार्गों की हालत हुई जर्जर: सोशल मीडिया पर उठ रही आवाज
क्षतिग्रस्त मार्गों की सूची और जनसमस्याएं:
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प्रमुख जर्जर मार्ग:
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कोतबा से बागबहार मार्ग
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चराईडांड़ से बतौली स्टेट हाईवे (विशेष रूप से भीतघरा क्षेत्र)
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बगीचा से बतौली के बीच का मुख्य संपर्क मार्ग
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तपकरा से फरसाबहार मार्ग
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लुड़ेग से बागबहार मार्ग
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सोशल मीडिया पर आक्रोश: सड़कों की दुर्दशा को लेकर स्थानीय युवा और राहगीर गड्ढों के वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गड्ढों में तत्काल फौरी राहत कार्य शुरू करने की बात कही है।
🚨 बीजेपी महामंत्री पवन साय ने भी जताई थी नाराजगी: गिट्टी डालकर शुरू हुआ फौरी कार्य
राजनीतिक संज्ञान और प्रशासनिक समन्वय:
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अधिकारियों से आपत्ति: भाजपा के प्रदेश महामंत्री पवन साय ने भी संभाग की बदहाल सड़कों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर और एनएचएआई (NHAI) के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर सख्त कदम उठाने की मांग की थी।
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मंत्रालय स्तर पर चर्चा: उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से भी चर्चा की थी, जिसके बाद अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में गड्ढों को पाटने के लिए गिट्टी भराई का कार्य शुरू किया गया था।
🌐 4 राज्यों और प्रमुख शहरों को जोड़ता है सरगुजा संभाग: अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का केंद्र
व्यापारिक और भौगोलिक महत्व:
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पड़ोसी राज्यों से सीधा संपर्क: सरगुजा संभाग और जशपुर की सड़कें चार प्रमुख राज्यों—मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और उत्तर प्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करती हैं।
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प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग: जशपुर जिले से राष्ट्रीय राजमार्ग 78 (NH-78) और राष्ट्रीय राजमार्ग 43 (NH-43) गुजरते हैं।
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शहरों का नेटवर्क: ये सड़कें प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, भिलाई और बस्तर के साथ-साथ झारखंड के गुमला, सिमडेगा, रांची तथा ओडिशा के सुंदरगढ़ व झारसुगुड़ा को आपस में जोड़ती हैं, जिससे इनका दुरुस्त होना अंतरराज्यीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।





