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तिरुपति मंदिर भगदड़: पीड़ितों को 25 लाख रुपए का मुआवजा, 6 लोगों की हुई मौत, 40 घायल

वो भयानक मंजर… आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में बुधवार देर रात भयावह तस्वीर सामने आई. एकादशी के मौके पर दर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए श्रद्धालु लंबे समय से लाइन में लग कर टोकन लेने का इंतजार कर रहे थे. हर श्रद्धालु अपने परिवार के लिए जल्दी से टोकन लेकर दर्शन करना चाहता था, इसी के चलते जैसे ही पुलिस ने तिरुमाला श्रीवारी वैकुंठ द्वार टिकट काउंटर खोला, सभी लोग एक साथ दौड़ पड़े और भगदड़ मच गई.

इस भगदड़ में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनको अस्पताल में भर्ती किया गया है. सरकार ने तिरुपति घटना के पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. मंत्री सत्य प्रसाद ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही भगदड़ की घटना पर मामले दर्ज कर लिए गए हैं और जांच की जा रही है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही सीएम चंद्रबाबू नायडू पीड़ित परिवारों से खुद मुलाकात भी करेंगे.

कैसे हुआ हादसा?

एकादशी दर्शन के लिए तिरुपति मंदिर में दर्शन करने के लिए हजारों की तादाद में लोग जुटे थे. दर्शन करने के लिए सभी के पास टोकन होना जरूरी था, बिना टोकन के वो दर्शन नहीं कर सकते थे. बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सभी इस भीड़ में शामिल थे. टोकन देने के लिए 91 काउंटर बनाए गए थे. एक पीड़ित परिवार ने बताया कि वो सुबह 11 बजे से कतार में खड़े हो कर टोकन मिलने का इंतजार कर रहे थे. इसी बीच जैसे ही पुलिस ने तिरुमाला श्रीवारी वैकुंठ द्वार का टिकट काउंटर हजारों लोग एक साथ टोकन लेने के लिए दौड़ पड़े और कई लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए.

अब तक हुई 6 लोगों की मौत में एक महिला की पहचान की गई. मृत महिला का नाम मल्लिका बताया जा रहा है. महिला के पति ने बताया कि कैसे उनकी पत्नी इस भयावह घटना का शिकार हो गई. महिला के पति ने कहा, जब मैं और मेरी पत्नी बाकी लोगों के साथ वैकुंठ द्वार दर्शन काउंटर से टिकट हासिल करने के की कोशिश कर रहे थे तभी भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में हालात इतने खराब हो गए कि मेरी पत्नी की मौत हो गई. मैंने अपने रिश्तेदारों को इस बात की जानकारी दे दी है और वो सब यहां पहुंच रहे हैं.

कौन जिम्मेदार?

इस घटना का कौन जिम्मेदार है? यह सवाल सबसे पहले मन में आता है, लेकिन इस के जवाब के लिए जांच की जा रही है. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) (Tirumala Tirupati Devasthanams) ने इस हादसे के बाद कई जानकारियां सामने रखी है. टीटीडी बोर्ड मेंबर भानु प्रकाश रेड्डी ने कहा, मंदिर में एकादशी दर्शन के लिए टोकन दिए जा रहे थे, हम ने 91 काउंटर खोले थे. भगदड़ मचना बहुत दुखद है. मैं सभी श्रद्धालुओं से माफी मांगता हूं. टीटीडी के चेयरमेन बी.आर. नायडू ने कहा कि यह भगदड़ ज्यादा भीड़ इकट्ठी होने की वजह से मची थी.

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