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मध्यप्रदेश

MP: आपका पेन रुक जाना चाहिए… कांग्रेस ने CM मोहन यादव से इन गांव के नाम बदलने की मांग की

मध्य प्रदेश में गांव, शहर , स्टेशनों और सड़कों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है. उज्जैन में तीन गांवों के नाम बदलने की घोषणा के बाद प्रदेश में गांव और कस्बों के साथ ही कई शहरों के इलाकों के नामों को लेकर सियासत तेज हो गई है. इसी के बाद कांग्रेस ने भी कई जगहों के नाम बदलने की वकालत की है और सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर जाति सूचक इलाकों के नाम बदलने की मांग की है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर जाति सूचक इलाकों के नामों को चेंज करने की मांग की है. भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार उर्दू में गांव के नाम से अगर चिंतित रहती है तो उसे जाति सूचक शब्दों से गांव के नामकरण पर आपत्ति क्यों नहीं होती है?

कांग्रेस नेता ने क्या-क्या कहा?

भूपेंद्र गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा है कि टीकमगढ़ जिले में यूईजीएस स्कूलों में लोहारपुरा, ढिमरौला, ढिमरयाना, चमरौला, चमरौला खिलक जैसे नाम हैं, जो संवैधानिक रूप से गलत हैं और सामाजिक रूप से आपत्तिजनक भी हैं. ऐसे नाम हर जिले में सैकड़ों की तादात में मिल सकते हैं, इन्हें बदलकर संतों, महापुरुषों के नाम पर नए नामकरण किए जाएं.

कांग्रेस ने कहा, सरकार हर थोड़े दिनों में गांव, शहरों स्थानों के नाम बदलती है. ऐसे स्थान जो जाति सूचक नामों पर है. उन्हें भी बदले इससे ऊंच-नीच और छुआ-छूत को बढ़ावा मिलता है. सरकार ऐसे स्थानों का नाम बदले और संत महात्माओं, महापुरुषों के नाम पर इन इलाकों का नाम रखें.

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साथ ही उन्होंने चिट्ठी में कहा, दुर्भाग्य है कि भारतीय जनता पार्टी पिछले 20 वर्षों से शहरों, कस्बों का नाम बदल रही है और इसका प्रचार भी किया जाता है, लेकिन जाति सूचक शब्दों के नाम पर बसे गांव के नामों पर भी आदरणीय आपका पेन रुक जाना चाहिए.

सीएम ने बदले तीन गांव के नाम

सीएम मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन के तीन गांवों के नाम बदले थे. सीएम ने मौलाना गांव का नाम बदलकर विक्रम नगर, जहांगीरपुर का नाम चेंज कर के जगदीशपुर और गजनीखेड़ी का नाम बदलकर चामुंडा माता नगरी करने की घोषणा की थी.

सीएम ने मंच से कहा था कि मौलाना लिखने में पेन अटकता था. रविवार को सीएम इंदौर और उज्जैन दौरे पर थे. इस दौरान उज्जैन के बड़नगर में सीएम राइस स्कूल का लोकार्पण करने पहुंचे थे जहां सीएम ने मंच से इन गांवों के नाम बदलने का ऐलान किया था. हालांकि, अब कांग्रेस ने भी गांव के नाम बदलने पर जाति का दांव खेल दिया है और सीएम को पत्र लिख कर जाति सूचक गांव के नामों को बदलने के लिए कहा है.

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