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उत्तरप्रदेश

संभल में हिंदू परिवारों को वापस मिली जमीन, 47 साल पहले भगाए गए थे; 10 हजार स्क्वायर फीट पर था कब्जा

1978 के दंगों में समुदाय विशेष के लोगों ने हिन्दुओं को खदेड़ दिया था. स्थिति यहां तक आ गई थी कि लोग अपना घर बार और जमीन जायदाद छोड़ कर वहां से पलायन कर गए थे. उनके जाने के बाद समुदाय विशेष के लोगों ने इन संपत्तियों पर कब्जा जमा लिया था. अब जिला प्रशासन ने पैमाइश कराकर ना केवल हिन्दुओं की जमीन को खाली कराया है, बल्कि उन्हें वापस बुलाकर उन्हें कब्जा भी दिलाया है. जिला प्रशासन के मुताबिक अभी दस हजार स्क्वायर फीट जमीन कब्जा मुक्त कराया गया है और शेष पांच हजार स्क्वायर फीट के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जानी है.

बीते 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़के दंगे के बाद संभल में प्रशासन की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है. जिला प्रशासन के मुताबिक संभल में रोडवेज बस स्टैंड के पीछे करीब दो बीघे जमीन पर बाग है. यहां 1978 तक हिन्दू परिवार रहा करते थे. जब 1978 में यहां दंगा हुआ तो समुदाय विशेष के लोगों ने एक राय होकर हिन्दू परिवार पर हमला कर दिया. इस घटना में हिन्दुओं को अपना घर बार और जमीन जायदाद छोड़ कर यहां से भागना पड़ा था. तब से ये लोग दूसरे मोहल्लों में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं.

पूर्व सांसद पर कार्रवाई नहीं होने देने का आरोप

इधर, उनके जाते ही मुस्लिम परिवारों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया. इस संबंध में पीड़ित परिवारों की ओर से कई बार पुलिस, प्रशासन और सीएम पोर्टल पर शिकायत दी गई. पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क पर भी आरोप लगाया कि वह पैरवी नहीं होने दे रहे हैं. अब प्रशासन ने इनकी जमीनों की पहचान करते हुए एक पीड़ित परिवार को ढूंढ निकाला है. यह परिवार चंदौसी में रह रहा था. इस परिवार की मौजूदगी में एसडीएम ने मंगलवार को कार्यवाही शुरु की. इस दौरान मौके पर पूरा बाग मिला.

डॉक्टर ने कब्जा रखी थी जमीन

वहीं इस जमीन पर दूसरे समुदाय के एक डाक्टर का कब्जा था और यहां स्कूल संचालित किया जा रहा था. एसडीएम ने पूरी जमीन की पैमाइश कराने के बाद पीड़ित परिवार को सौंप दिया है. एसडीएम के मुताबिक अभी 10 हजार वर्ग फीट जमीन मुक्त कराई गई है. हालांकि अभी भी 5 हजार वर्ग फीट जमीन मुक्त कराई जानी है. इसके लिए जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा.

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