ब्रेकिंग
देवघर में मकर संक्रांति पर उमड़ी भक्तों की भीड़, बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष भोग और पूजा का आयोजन दुमका में बस और ट्रक की सीधी टक्कर, हादसे में 12 से अधिक यात्री घायल पाकुड़ में ट्रेन डिरेल का मामला: रेल पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार चाइनीज मांझा पतंग ही नहीं काटती है जिंदगी की डोर भी, भूल से भी न करें इस्तेमाल जमशेदपुर में युवक का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी दुमका में सोहराय मिलन समारोह: ढोल-मांदर की थाप पर आदिवासियों संग झूमे विदेशी मेहमान हजारीबाग में अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, खनन और ट्रांसपोर्ट ठप, कंपनी... राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के हाथों में झारखंड भाजपा की कमान, 21 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नाम की भ... ज्वेलरी शॉप में नकाबपोश की एंट्री पर रोक का विरोध, पुलिस से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 307 ब्लॉक अध्यक्षों की हुई नियुक्ति, AICC ने जारी की लिस्ट
उत्तरप्रदेश

पत्नी को याद नहीं शादी की तारीख, कोर्ट ने खारिज कर दिया तलाक का केस; क्या है मामला?

चलिए शादी की तारीख बताइए…उत्तर प्रदेश की कानपुर कोर्ट ने एक महिला से ये सवाल पूछा. महिला इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई. इसके बाद कोर्ट ने उसकी ओर से दायर मुकदमे को खारिज कर दिया. महिला ने अपने पति से तलाक और दस लाख रुपए गुजारा भत्ता देने का मुकदमा दर्ज करवाया था. केस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब शादी की तारीख ही याद नहीं है तो खर्च के लगाए गए दस्तावेज को कैसे सही माने.

महिला का आरोप था कि जिस युवक को बैंक का बाबू बताकर शादी की गई थी, शादी के बाद पता चला कि वह बैंक में चपरासी है. कानपुर की पारिवारिक कोर्ट में महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से पति और ससुराल वाले कम दहेज की बात कहकर प्रताड़ना करते थे, जबकि शादी में दस लाख रुपए खर्च हुए थे. अपने दावे के समर्थन में महिला ने दस्तावेज भी लगाए थे.

महिला को शादी की तारीख भी याद नहीं थी

अधिवक्ता अनूप शुक्ला ने बताया कि महिला ने जिरह के दौरान यह स्वीकार किया कि उसको शादी की तारीख याद नहीं है. महिला ने यह भी स्वीकार किया कि उसका पति तो उसको रखना चाहता है, लेकिन वो खुद नहीं रहना चाहती. महिला ने अपने गुजारा भत्ते के दावे में खर्चे के दस्तावेज लगाए थे. इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आपको शादी की तारीख याद नहीं है, तो कैसे मान लिया जाए कि यह दस्तावेज सही है. कोर्ट ने यह कहते हुए मुकदमे को खारिज कर दिया.

पति पर लगाया था मारपीट का आरोप

महिला ने अपने पति के ऊपर यह आरोप भी लगाया था कि उसका पति उसके साथ मारपीट करता है. लेकिन इस सम्बन्ध में कोई भी शिकायत पुलिस में नहीं की गई थी. इसको आधार मानते हुए कोर्ट ने यह दलील भी खारिज कर दी.

Related Articles

Back to top button