ब्रेकिंग
Medical Fraud: सात्विक के खून की रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप, कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने की कार्रव... Uttarakhand Murder Case: वनंतरा रिसॉर्ट कांड के दोषियों को सजा के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, अंकिता ... Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को...
उत्तरप्रदेश

संभल मस्जिद है विवादित ढांचा… इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश में लिखा

इलाहाबाद हाई कोर्ट में मंगलवार को संभल स्थित शाही जामा मस्जिद से संबंधित सफेदी और सफाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई है. इस दौरान हाई कोर्ट ने आदेश में संभल मस्जिद की जगह विवादित ढांचा लिखा. दरअसल, हिन्दू पक्ष के वकील की मांग पर आदेश में विवादित ढांचा लिखा गया है. वहीं, यूपी सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति राज्य की ओर से बनाए रखी जा रही है.

सुनवाई के दौरान वकील हरि शंकर जैन ने कोर्ट से मस्जिद को ‘विवादित संरचना’ के रूप में संदर्भित करने के लिए कहा, जिसके बाद जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने स्टेनो से विवादित ढांचा शब्द लिखने को कहा. अब इलाहाबाद हाई कोर्ट मस्जिद कमेटी की अर्जी पर 10 मार्च को सुनवाई करेगा.

ASI की रिपोर्ट हो खारिज- मस्जिद कमेटी की मांग

सुनवाई के दौरान ASI की रिपोर्ट पर मस्जिद कमेटी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. ASI ने मस्जिद कमेटी की आपत्ति पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने ASI को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया. मस्जिद कमेटी का कहना है कि मस्जिद की साफ-सफाई शुरू हो गई है, लेकिन नमाज के लिए सफेदी की भी इजाजत दी जाए. इसके अलावा मस्जिद समिति ने हाई कोर्ट से एएसआई की रिपोर्ट खारिज करने की मांग की है और कहा है कि एएसआई गार्जियन है, मालिक नहीं.

सफेदी की जरूरत मस्जिद में नहीं देखी- ASI

ASI के वकील ने कहा कि हमने सफेदी की जरूरत मस्जिद में नहीं देखी है. पिछली सुनवाई में ASI ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सफेदी की जरूर नहीं है, सफाई कराई जा सकती है. हाई कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को ASI की रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करने की अनुमति दी थी. दरअसल, संभल की जामा मस्जिद प्रबंधन समिति ने अर्जी दायर की है और अर्जी में रमजान महीने के मद्देनजर संभल की जामा मस्जिद की सफेदी और सफाई की मांग की गई है.

शाही जामा मस्जिद पर कब बढ़ा विवाद?

शाही जामा मस्जिद पर विवाद इस दावे से जुड़ा है कि मस्जिद का निर्माण ऐतिहासिक हरिहर मंदिर के ऊपर किया गया था. 24 नवंबर, 2024 को मस्जिद के सर्वे के लिए अदालत के आदेश के बाद तनाव काफी बढ़ गया, जिसके कारण हिंसक झड़पें हुईं और चार लोगों की मौत हो गई. इस घटना ने मामले को लेकर कानूनी और सांप्रदायिक जटिलताओं को और गहरा कर दिया, जिसने कानूनी पर्यवेक्षकों और स्थानीय समुदायों दोनों का व्यापक ध्यान आकर्षित किया. शुक्रवार को जारी एक पूर्व आदेश में कोर्ट ने एएसआई को मस्जिद परिसर की सफाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन रमजान से पहले सफेदी करने की अनुमति नहीं दी थी. कोर्ट ने मस्जिद का निरीक्षण करने और इसकी स्थिति पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन सदस्यीय एएसआई टीम के गठन का भी आदेश दिया था.

Related Articles

Back to top button