ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ...
मध्यप्रदेश

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने मुख्य वन्यजीव वार्डन को जारी किया नोटिस, जानिए क्या है वजह

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्य राज्य सूचना आयुक्त ने मध्यप्रदेश के मुख्य वन्यजीव वार्डन (CWLW) शुभ रंजन सेन को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस चीता परियोजना से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक न करने और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताने के मामले में जारी किया गया है। पूरा मामला सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत चीता परियोजना से संबंधित जानकारी को छुपाने से जुड़ा हुआ है। सूचना आयोग में दर्ज आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे की याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि CWLW शुभ रंजन सेन ने लोक सूचना अधिकारी वन्य प्राणी मुख्यालय के अधिकारों में अवैध दखल देते हुए जानकारी देने से इंकार करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता दिया था।

PunjabKesari

मप्र सूचना आयोग ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण नोटशीट के आधार पर वन्य प्राणी संरक्षण मुख्यालय के मुखिया को लोक सूचना अधिकारी माना है। मध्यप्रदेश सूचना आयोग ने इस मामले में CWLW शुभ रंजन सेन सहित APPCF को नोटिस जारी कर तलब किया है और 11 मार्च 2025 को उपस्थित होने को कहा है।

PunjabKesari

दरअसल भारत में चीतों को फिर से बसाने के लिए चीता परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया है। चीता परियोजना देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है जिसमें करोड़ों रुपए लगा है। यह भी महत्वपूर्ण तथ्य है कि विदेशी राष्ट्रों के संबंध के विषय भारत सरकार तय करती है न कि राज्य सरकार। मध्यप्रदेश वन्य प्राणी संरक्षण मुख्यालय ने स्वयं स्वीकार किया कि उसके पास चीते देने वाले विदेशी राष्ट्रों साउथ अफ्रीका और नामीबिया के साथ हुए MOU की प्रति उपलब्ध नहीं है।

वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि RTI act का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। यह प्रकरण RTI एक्ट की दुर्दशा और राष्ट्रीय सुरक्षा की अनियमितताओं को छुपाने के कुत्सित प्रयास को उजागर करती है।

Related Articles

Back to top button