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लाशों का ढेर-महिलाओं से बदसलूकी… सीरिया में बदतर हो रहे हालात, 10 प्वॉइंट

सीरिया में गृह युद्ध जैसी स्थिति चरम पर है. यहां पर हयात तहरीर अल-शाम (HTS) की अंतरिम सरकार के सुरक्षाबलों और पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थकों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है. सुरक्षाबलों ने अलावी संप्रदाय के लोगों के खिलाफ बदला लेने वाली कार्रवाई शुरू कर दी हैं. हिंसा के समय रूह कंपाने वाली वारदातों के बारे में वहां मौजूद लोगों ने बताया. हर ओर लोगों के लाशों का ढेर पड़ा हुआ दिखाई दिया, महिलाओं के साथ मानवीयता की सारी हदें पार कर दी गई. जानते हैं इस समय सीरिया में किस तरह हालात हैं?

    1. इस हिंसा में पिछले 2 दिनों में एक हजार लोगों की हत्या कर दी गई. वहां के हालात को देखकर हर कोई हैरान है.
    2. सुरक्षाबलों की ओर से हिंसा को कंट्रोल करने के लिए हिंसा ग्रसित इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है.
    3. सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, जिन समूहों के बीच झड़प हुई उनमें से 745 मरने वाले लोग ऐसे हैं जो देश के नागरिक हैं.
    4. इनमें से ज्यादातर लोगों को नजदीक से गोली मारकर हत्या की गई है. 125 सरकारी सुरक्षा बल के सदस्य और असद से जुड़े सशस्त्र समूहों के 148 आतंकवादी भी मारे गए हैं.
  1. असद के शासन के दौरान, अलावी समुदाय से जुड़े लोगों को सेना में उच्च पद और दूसरे विशेषाधिकार से जुड़े पदों का फायदा मिला था.
  2. हालांकि, तीन महीने पहले यहां हयात तहरीर अल-शाम के नए शासन के लागू होने के बाद, अलावी लोगों को पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े होने की वजह से बार-बार निशाना बनाया जा रहा है.
  3. गृह युद्ध जैसी हालात से जूझ रहे सीरिया में ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि हिंसा की वजह से यहां के हालात बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं. लोगों को आधारभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं. यहां पर लताकिया शहर के कई अलावी बहुल इलाकों में बिजली और पीने के पानी के सप्लाई को भी रोक दिया गया है.
  4. हिंसा के समय मौजूद लोगों ने एसोसिएटेड प्रेस को हिंसा के समय की भयानक और दिल को दहलाने वाले घटनाओं के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यहां पर महिलाओं को सड़कों पर बिना कपड़ों के घुमाया गया, फिर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई.
  5. यहां पर सबसे बुरी तरह प्रभावित कस्बों में से एक बनियास है. यहां पर शव सड़कों और इमारतों की छतों पर पड़े देखे गए. बंदूकधारियों ने वहां के लोगों को लंबे समय तक शव को दफनाने से रोक रखा था.
  6. अलावी गांवों के निवासियों ने एपी को बताया कि उनके समुदाय के कई लोगों के घरों को लूट लिया गया और फिर आग लगा दिया गया.
  7. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लोगों ने जब अपने घरों और कारों को जलते हुए देखा तो वो वहां से अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए. इनमें से कुछ बच पाए तो वहीं कुछ को सुरक्षाबलों ने मार गिराया.

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