ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
मध्यप्रदेश

राजस्थान – एमपी सीमा पर जंगल में लगी भीषण आग, किसानों की फसलों को खतरा

जावद। मध्य प्रदेश के जावद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जाट के राजस्थान सीमा के जंगल में भीषण रुप से आग लगी हुई है, कई घंटों से लगातार आग दहक रही है और धीरे – धीरे जंगल में फैल रही है, आग राजस्थान के अंतर्गत आने वाले बेगू वन परिक्षेत्र में लगी हुई है। इसलिए क्षेत्रीय वन विभाग आग नहीं बुझा पा रहा है, आग ने विकराल रुप ले लिया है और राजस्थान के वन विभाग के द्वारा लापरवाही की जा रही है, आग को नियंत्रण करने राजस्थान वन परिक्षेत्र का कोई अधिकारी या कर्मचारी  काफी देर तक नहीं पहुंचा था।

 हालांकि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है की आग किस कारण से लगी है। इन दिनों इलाके मे भीषण गर्मी पड़ने लगी है और गर्मी से जंगल में पेड़ पौधे भी सूखने लगे हैं। चारों तरफ सूखी घांस होने से जंगल मे एक दम किसी भी कारण से आग लग जाती है, हर वर्ष इस तरह की घटनाएं यहां देखने को मिलती है, गत वर्ष भी जाट क्षेत्र के जंगल में आग लगी थी। जिस पर बड़ी मुश्किल से फायर बिग्रेड के और वन विभाग के कर्मचारियों ने काबू पाया था। एक तो इलाका पूरी तरह जंगली है, यहां गांव में आग पर काबू पाने के लिये कोई संसाधन तक उपलब्ध नहीं है, जब भी आगजनी की घटना होती है तो जाट से 20 किलोमीटर दूर से अग्निशामक दल की गाड़ी आती है और बड़ी जद्दोजहद से आग को नियंत्रण किया जाता है।

इस तरह हर वर्ष आग लगने से जंगल को भारी नुकसान पहुंच रहा है, ना जाने कितने जंगली जानवरों सहित पक्षियों की भी जान इस आग मे चली जाती है, ऊपर से पेड़ पौधे भी नष्ट होते है, मगर आग पर तुरंत काबू करने के लिये संसाधन समय पर उपलब्ध नहीं होते हैं, इधर किसानों का भी इन दिनों फसल काटने का समय चल रहा है ऐसे में किसानो को भी अपनी उपज इस आग में जलने की चिंता सताती है, क्योंकि इलाके के अधिकतर खेत जंगल की सीमा पर स्थित हैं, इसलिए आग पर समय रहते काबू नहीं किया जाता है तो किसानो की मेहनत से उगाई फसलों पर भी आग का खतरा मंडराता रहता है।

जावद वनपरिक्षेत्र अधिकारी विपुल करोरिया का कहना है कि आग फिलहाल राजस्थान सीमा के जंगल में है। अगर आग मध्यप्रदेश की सीमा की तरफ बढ़ेगी तो हमारी टीम को लगाया गया है, नजर बनी हुई है हमारी सीमा में आग फैली तो तत्काल नियंत्रण किया जाएगा। हमने आग से निपटने की सारी तैयारी कर ली है हमारे अधिकारी और कर्मचारी मध्यप्रदेश की जंगल सीमा पर आग की स्थिति पर नजर रख रहे है।

Related Articles

Back to top button