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मध्यप्रदेश

MP Politics News: ‘विकास के लिए आस्था से समझौता न हो’, उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान मंदिर पर CM को लिखा पत्र

उज्जैन (मध्य प्रदेश): धार्मिक नगरी उज्जैन में ऐतिहासिक ‘खड़े हनुमान मंदिर’ को लेकर जारी विवाद के बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का बड़ा बयान सामने आया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक औपचारिक पत्र लिखकर विकास कार्यों और जनआस्था के मध्य संतुलन स्थापित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उमा भारती के अनुसार, विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए धार्मिक स्थलों को हटाना ही एकमात्र अंतिम विकल्प नहीं होना चाहिए, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्रोजेक्ट के मार्ग (रूट) या तकनीकी डिजाइन में बदलाव के विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

🕌 भोपाल की 150 साल पुरानी बुर्ज वाली मस्जिद का दिया उदाहरण: केबल ब्रिज का लिया गया था निर्णय

पूर्व सरकार के फैसले की नजीर:

  • 2015 का ऐतिहासिक फैसला: उमा भारती ने अपनी चिट्ठी में पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार के एक महत्वपूर्ण निर्णय का उल्लेख किया।

  • BRTS कॉरिडोर की जद में थी मस्जिद: उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में राजधानी भोपाल में बैरागढ़-मिसरोद बीआरटीएस (BRTS) कॉरिडोर के निर्माण के दौरान लगभग 150 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बुर्ज वाली मस्जिद प्रस्तावित रास्ते में आ रही थी।

  • डिजाइन में बदलाव: उस समय राज्य सरकार ने धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मस्जिद को हटाने के बजाय कॉरिडोर के रूट और डिजाइन में बदलाव (री-डिजाइनिंग) करने का रास्ता चुना था।

  • केबल ब्रिज का निर्माण: इसके पश्चात बड़े तालाब पर आधुनिक केबल ब्रिज के निर्माण का निर्णय लेकर प्रोजेक्ट और आस्था दोनों को सुरक्षित रखा गया था।

⚖️ आस्था और विकास का सामंजस्य जरूरी: तकनीकी और वैकल्पिक विकल्पों पर विचार का सुझाव

उमा भारती का दृष्टिकोण और अपील:

  • समान समाधान की मांग: बीजेपी की वरिष्ठ नेता ने इसी मिसाल को सामने रखते हुए कहा कि उज्जैन में भी ऐसा ही व्यवहारिक समाधान निकाला जा सकता है, जिससे सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्य भी न रुकें और जनभावनाएं भी आहत न हों।

  • प्रतिमा को यथावत रखने की वकालत: उन्होंने सुझाव दिया कि सदियों पुरानी पावन प्रतिमा को स्थानांतरित करने के बजाय इंजीनियरिंग व वैकल्पिक रास्तों पर विचार करना चाहिए।

  • संतुलित दृष्टिकोण: उमा भारती का मानना है कि विकास और आस्था को साथ लेकर आगे बढ़ना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में सर्वोत्तम रास्ता है।

🛕 170 साल पुराना है मंदिर: सिंहस्थ 2028 के सड़क चौड़ीकरण की जद में आया स्थल

मंदिर की पृष्ठभूमि और वर्तमान गतिरोध:

  • स्थान और इतिहास: यह विख्यात ‘खड़े हनुमान मंदिर’ उज्जैन के कंठाल चौराहा एवं छत्रीचौक मार्ग पर स्थित है, जिसे स्थानीय स्तर पर लगभग 170 वर्ष पुराना बताया जाता है।

  • सिंहस्थ का प्रोजेक्ट: आगामी सिंहस्थ 2028 के महाआयोजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन द्वारा इस मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

  • प्रशासनिक प्रयास और गतिरोध: सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के कारण जेसीबी मशीनों से मंदिर के बाहरी ढांचे को तो हटा दिया गया, किंतु प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पावन प्रतिमा अपने स्थान से टस से मस नहीं हुई।

  • स्थानीय नागरिकों का विरोध: इस घटनाक्रम के बाद से स्थानीय श्रद्धालुओं और पुजारियों में असंतोष है और वे विस्थापन के बजाय अन्य वैकल्पिक मार्ग की मांग पर अड़े हैं।

📌 राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल: अब सरकार के रुख पर टिकी निगाहें

मामले का नया मोड़ और आगामी परिदृश्य:

  • विवाद ने पकड़ा तूल: खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे इस संवेदनशील मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

  • प्रशासनिक असमंजस: अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • भोपाल मॉडल की उम्मीद: देखना होगा कि क्या सरकार भोपाल के बुर्ज वाली मस्जिद प्रकरण की भांति उज्जैन में भी किसी तकनीकी बदलाव अथवा वैकल्पिक मॉडल को हरी झंडी देती है या नहीं।

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