National Unity Day 2026: सरदार पटेल जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान, वैश्विक ऊर्जा संकट और देश की सफलताओं का किया जिक्र

केवडिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार के रोज गुजरात के एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब देश के महान शिल्पकारों जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल और बाबासाहेब आंबेडकर ने हमारे संविधान का निर्माण किया था, तो उन्होंने लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए सत्ता पक्ष और विरोधी पक्ष दोनों की एक स्पष्ट और मजबूत व्यवस्था तय की थी। उन्होंने इस व्यवस्था के महत्व को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष का प्राथमिक दायित्व सरकार की नीतियों और कार्यों का लोकतांत्रिक विरोध करना होता है, लेकिन यह हमारे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि आज विपक्ष अपने इस संवैधानिक कर्तव्य को पूरी तरह त्याग चुका है। उन्होंने कहा कि आज विरोध करने के बजाय विपक्षी दल ‘अवरोध पक्ष’ की भूमिका निभा रहे हैं और अपनी राजनीतिक हताशा व निराशा में देश के विकास के सामने लगातार बाधाएं खड़ी कर रहे हैं।
देश को बांटने की साजिश रच रही हैं भारत विरोधी ताकतें, एक दशक की हताशा अब खुलकर आ रही है सामने
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कुछ देशविरोधी ताकतें लगातार देश के भीतर विभाजन पैदा करने की खतरनाक साजिशों में जुटी हुई हैं। मां भारती की संतानों को आपस में बांटने के लिए तरह-तरह के कुचक्र रचे जा रहे हैं। पिछले एक दशक की हताशा अब पूरी तरह खुलकर सामने आ चुकी है, जिससे यह साफ पता चलता है कि कौन विदेश में किससे गुप्त मुलाकात कर रहा है, भारत विरोधी ताकतों को कौन समर्थन दे रहा है, और कौन खुलकर देश के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि हमें पूरी तरह एकजुट होकर ऐसी ताकतों का डटकर मुकाबला करना होगा।
सोशल मीडिया के जरिए देश की छवि धूमिल करने की हो रही है कोशिश, ‘दिमागी नक्सलियों’ से भी सतर्क रहने की सख्त जरूरत
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के मौजूदा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का जिस प्रकार दुरुपयोग किया जा रहा है, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को खराब करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। हमें देशवासियों के साथ मिलकर इस चुनौती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि हमने देश के दूर-दराज और सुदूर इलाकों से हिंसक नक्सलवाद का तो पूरी तरह अंत कर दिया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ या अर्बन नक्सलिज्म का खतरा अभी देश के ऊपर से पूरी तरह टला नहीं है। इसलिए देश को ऐसे वैचारिक और दिमागी नक्सलियों से हमेशा पूरी तरह सतर्क और सावधान रहना होगा।
वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में भारत ने दिखाई अपनी मजबूत क्षमता, नागरिकों पर नहीं पड़ने दी संकट की चोट
प्रधानमंत्री ने पिछले महीनों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने हाल ही में पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट से जूझते हुए देखा है। कई विकसित देशों में तो पेट्रोल और डीजल की खरीद पर सख्त पाबंदियां और लिमिट तक लगानी पड़ गई थी। उस वक्त भारत के लिए भी यह कहा जा रहा था कि हमारे यहां आबादी बहुत विशाल है और पेट्रोलियम का घरेलू उत्पादन भी पर्याप्त नहीं है, इसलिए सबसे बड़ा और भयानक संकट भारत के सामने ही खड़ा होगा। लेकिन, इन्हीं तमाम आशंकाओं और अफवाहों के बीच भारत विरोधी ताकतें भी देश के भीतर अपनी सक्रियता बढ़ा चुकी थीं। यह भारत का अद्वितीय सामर्थ्य और मजबूत इच्छाशक्ति ही थी कि हमने इस वैश्विक ऊर्जा संकट की भारी चोट अपने देश के सामान्य नागरिकों पर बिल्कुल नहीं पड़ने दी।
कूटनीतिक सफलता के पीछे देशवासियों की अटूट एकता, झूठ और अफवाह फैलाने वालों को जनता ने दिया करारा जवाब
पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल देश की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता ही नहीं है, बल्कि इसमें हमारे देशवासियों की एकता और एकजुटता की भी उतनी ही बड़ी और निर्णायक भूमिका रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश बाहरी चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान तलाश रहा था, ठीक उसी समय देश के भीतर कुछ स्वार्थी ताकतें झूठ और अफवाहें फैलाकर देश में अस्थिरता पैदा करने की नापाक कोशिशों में जुटी हुई थीं। इसके बावजूद, देश का आम नागरिक राष्ट्र निर्माण के लिए कंधे से कंधा मिलाकर पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा रहा। यही इस महान देश की सबसे बड़ी ताकत है और यही हमारे सामूहिक हौसले का सबसे बड़ा आधार है।
गरीबी हटाने के नारों पर राजनीतिक दलों को घेरा, सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को किया याद
प्रधानमंत्री ने देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित, मजबूत और अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह संकल्पित है, जिसका मुख्य कारण देशवासियों का बढ़ता हुआ आत्मविश्वास है। यह आत्मविश्वास हमें अपनी बड़ी सिद्धियों और शासन-व्यवस्था की संवेदनशीलता से प्राप्त होता है। आज ऐसी ही एक बड़ी राष्ट्रीय सिद्धि की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में गरीबी हटाने की बातें आजादी के फौरन बाद से ही की जाती रही हैं और सिर्फ गरीबी हटाने के नाम पर वोट बटोरे जाते रहे हैं, लेकिन हकीकत क्या थी यह जगजाहिर है। जिन्होंने ‘गरीबी हटाओ’ के झूठे नारे दिए, वे खुद तो अमीर होते चले गए। उन्होंने गुजरात में ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कार्य के जरिए राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का भी श्रीगणेश हुआ था, और इस वर्ष उस महान कार्य को भी पूरे 75 वर्ष हो चुके हैं।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प हुआ पूरा, देश ने हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल हमने देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं भव्य जयंती मनाई थी, और आज जब हम उनकी 151वीं जयंती मना रहे हैं, तो हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि देश ने अपना एक बहुत बड़ा संकल्प पूरी तरह पूरा कर लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने देशवासियों से यह वचन लिया था कि जब तक भारत की धरती से नक्सलवाद और माओवाद का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। ठीक एक साल के भीतर ही हमने अपने उस संकल्प को धरातल पर उतार कर पूरा कर दिया है, और आज देश से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट चुका है।





