ब्रेकिंग
President Droupadi Murmu Birthday: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्मदिन; पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत... NEET Re-Exam Preparation: परीक्षा से पहले आज देशभर में NTA की 'मॉक ड्रिल'; जानें सुरक्षा और संचालन क... Karnataka Welfare Schemes: अब वोटर लिस्ट में नाम होने पर ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ; सीएम डीके ... Economic Crisis Allegations: महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना; RBI गवर्नर ने ... Maharashtra Politics: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे का शक्ति प्रदर्शन; राहुल गांधी और उद्धव गुट पर स... NEET UG Student Death: गाजियाबाद के प्रताप विहार में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की मौत; जांच में जु... Ram Mandir Trust Investigation: चंदा चोरी के आरोपों पर योगी सरकार सख्त; CM बोले- 'अपराधी कोई भी हो, ... Firozabad Couple Death Mystery: फिरोजाबाद में शादीशुदा महिला और युवक की नहर में मिली लाशें; पुलिस जा... Tej Pratap Yadav Security Threat: तेज प्रताप यादव ने जताया अपनी जान को खतरा; आकाश यादव समेत 7 पर दर्... NEET UG Re-Exam Uttarakhand: देहरादून में 16 केंद्रों पर होगी NEET री-एग्जाम; प्रशासन ने कसी कमर, चप...
बिहार

बिहार खुले में शौच मुक्त राज्य, सरकारी प्रयास से 10 साल में 1.46 करोड़ शौचालय तैयार

ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण और स्वच्छता के क्षेत्र में बिहार ने बड़ी सफलता हासिल की है. राज्यभर में साल 2014 से अब तक करीब 10 सालों में 1 करोड़ 46 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत किया गया है. आंकड़े बताते हैं बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग का यह अभियान पूरे राज्य में सफल रहा है.इस अभियान में सभी श्रेणी के परिवारों को 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया.

इसके साथ ही लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत अब तक 9 हजार 824 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण कराया गया है. वहीं, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान द्वितीय चरण (वर्ष 2021-22 से 2025 26) के तहत 24.70 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है. इस तरह पिछले 10 वर्षों में एक करोड़ 46 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ है.

8 लाख और शौचालय का होगा निर्माण

बिहार को पूर्ण स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं राज्य वित्त संपोषित लोहिया स्वच्छता योजना को राज्य सरकार द्वारा समेकित करते हुए लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान का संचालन किया जा रहा है. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 8 लाख नये परिवार या किसी कारणवश छूटे हुए परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय की सुलभता प्रदान करने का राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है.

ग्रामीण अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 1 लाख से अधिक रिक्शों का उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही भूमिहीन परिवारों, चलंत आबादी और अस्थायी आबादी को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर/ क्लस्टर शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा.

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान का प्रभाव

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से न केवल बिहार खुले में शौच मुक्त हुआ है बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिली है. बिहार सरकार की यह पहल राज्य को स्वच्छता के नए आयाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूती प्रदान की जाएगी.

Related Articles

Back to top button