TV चैनल पर शोएब अख्तर का छलका दर्द, सौरव गांगुली जैसा बनना था, मौका नहीं दिया गया

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट की हालत किसी से छुपी हुई नहीं है। क्रिकेट बोर्ड में कोई भी बड़ा नाम शामिल नहीं है। पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने इस बात का अफसोस जाहिर किया है कि उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ काम करना था लेकिन उन्होंने कभी मौका ही नहीं दिया गया। अख्तर ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि सौरव गांगुली जैसे ही पाकिस्तान क्रिकेट में उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए थी।
शोएब अख्तर का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में बड़े खिलाड़ियों की अनदेखी होती रही है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा यहां सिर्फ कमजोर लोगों के जिम्मेदारी दी जाती है ताकि वो अपने हिसाब से बोर्ड को चला पाए
एक चैट शो के दौरान अख्तर ने कहा, एलीट क्लास हमेशा ही औसत दर्जे के लोगों को साथ रखना चाहती है जिससे को वो उनको अपना हुक्म दे सकें। उनको एक ऐसा चेयरमैन चाहिए, ऐसा कप्तान चाहिए जो सीधा साधा हो। इससे ज्यादा कुछ और या कोई कप्तान नहीं चाहिए। एक सीधा साधा कप्तान क्या कर सकता है। वो क्या मैदान पर बस चलकर जाए या खिलाड़ियों को अपनी बात कहे।
उन्होंने दुनिया के तमाम क्रिकेट बोर्ड का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सभी जगह बड़े पद पर क्रिकेट के दिग्गज बैठे हैं। भारत में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ हैं तो साउथ अफ्रीका में ग्रीम स्मिथ और मार्क बाउचर। वहीं पाकिस्तान में इसका ठीक उल्टा हो रहा है।
सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं, राहुल द्रविड़ नेशनल क्रिकेट अकादमी को प्रमुख हैं। ग्रीम स्मिथ क्रिकेट साउथ अफ्रीका के हेड हैं और मार्क बाउचर टीम के मुख्य कोच लेकिन पाकिस्तान में इसका उल्टा हो रहा है। उन्होंने मेरा इस्तेमाल ही नहीं किया, मेरा काम टीवी शो पर बैठना नहीं था। उनको मुझे क्रिकेट को चलाने का काम देना चाहिए था।