ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
बिहार

कैसे दूर होगा पेयजल संकट… बिहार में नल से हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने पर चिंतन

बिहार में गहराते पेयजल संकट और हर घर नल का जल योजना को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रन विभाग, मनरेगा और दूसरे संबंधित विभाग के सीनियर अधिकारी और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यशाला की अध्यक्षता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रन विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने की.

प्रधान सचिव पंकज कुमार ने पेयजल संकट के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास की बात कही. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम जन तक पहुंचाना था.

नल से हर घर स्वच्छ जल अभियान

कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंकज कुमार ने कहा- देश में पेयजल संकट सबसे बड़ी चुनौती है. नल जल योजना से राज्य के हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा- यह सिर्फ एक योजना नहीं है. बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने का राष्ट्रीय संकल्प है. पंकज कुमार ने कहा- इसके लिए पीएचईडी, मनरेगा और अन्य विभागों को मिलकर कार्य करना होगा.

भू-जल स्तर में गिरावट को लेकर चर्चा

आगा की ओर से आयोजित कार्यशाला में भू-जल स्तर में लगातार गिरावट को लेकर चर्चा हुई. गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा- देश के कई हिस्सों में भूजल पर ज्यादा निर्भरता की वजह से जलस्तर तेजी से गिरा है. उन्होंने वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज, जल संरक्षण उपायों को ग्रामीण योजनाओं से जोड़ना जैसे कुछ समाधान बताए. जबकि प्रधान सचिव पंकज कुमार ने सुझाव दिया कि मनरेगा के तहत तालाब, चेक डैम और जल संरचनाओं के निर्माण की गति बढ़ाई जाए.

पेयजल संकट एक सामूहिक चुनौती

प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कार्यशाला के समापन सत्र में सभी हितधारकों से अपील की कि वे जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं. इसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है. कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने इस दिशा में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया.

Related Articles

Back to top button