ब्रेकिंग
कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ...
पंजाब

Ludhiana की मशहूर बेकरी में होश उड़ा देने वाला कांड, आग की तरह फैली ये खबर

लुधियाना: सिविल लाइंस रोड पर जहां से सिविल सर्जन कार्यालय महज कुछ कदमों की दूरी पर स्थित है, वहां एक प्रसिद्ध बेकरी खुलेआम खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रही है। यह बेकरी संचालक बिना मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट के पैक्ड बेकरी उत्पाद बेच रहा है। जैसे ही यह खबर लुधियाना में फैली तो लोग सहम गए कहीं उनका स्वास्थय ना संकट में पड़ जाए।

ग्राहकों के पास यह पहचानने का कोई साधन नहीं बचा है कि जो वस्तु वे खरीद रहे हैं, वह ताजा है या खराब क्योंकि पैक्ड सामान जो उक्त बेकरी शॉप द्वारा बेचा जा रहा है, उस पर न तो मैन्युफैक्चरिंग की डेट है न एक्सपायरी डेट, उन्हें सिर्फ उत्पाद की शक्ल और गंध से अंदाजा लगाना पड़ता है कि वह खाने योग्य है या नहीं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत, भारत में बिकने वाले हर पैक्ड खाद्य उत्पाद पर कुछ अनिवार्य जानकारियां अंकित करना कानूनन जरूरी है। इनमें उत्पाद के वैज या नॉन-वैज होने का चिन्ह, बैच या प्लॉट नंबर, उत्पादन की तिथि, उपभोग की अंतिम तिथि, निर्माण स्थल का पता और सामग्री की सूची शामिल हैं।

पंजाब केसरी को जब एक इस बेकरी के खिलाफ शिकायत मिली तो टीम ने स्वयं जाकर जांच की। मौके पर देखा गया कि बेकरी के अधिकतर पैक्ड उत्पादों पर न तो उत्पादन तिथि अंकित थी, न ही एक्सपायरी डेट और न ही बैच नंबर, कुछ पैक्ड उत्पादों पर तो एफ.एस.ए.ए.ई. नंबर तक अंकित नहीं है । सामान्य जानकारी के अनुसार, बेकरी उत्पाद जैसे ब्रेड, बन, केक और पेस्ट्रीज 2-3 दिन में खराब हो जाते हैं लेकिन जब इन पर कोई तिथि दर्ज न हो, तो ग्राहक के लिए यह पहचानना असंभव हो जाता है कि वस्तु खाने योग्य है या नहीं। कई बार ग्राहक अनजाने में बासी या खराब माल खरीद लेते हैं जिससे उनका स्वास्थ्य संकट में पड़ जाता है, जिससे लोग सहम गए है।  इस सम्बद्ध में जब हमने उक्त बेकरी संचालक का पक्ष जानना चाहा तो उनसे बात नहीं हुई। उनका मोबाइल बेकरी के किसी कर्मचारी ने उठाया। जब उससे इस संबध में पूछा तो कर्मचारी ने कहा कि मालिक जब आएंगे, तब उनको कह दूंगा और कह कर फ़ोन काट दिया । इस गंभीर मामले में जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डी.एच.ओ.) अमरजीत कौर से बात की तो उन्होंने कहा कि टीम को भेजकर उक्त बेकरी की जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button