Jharkhand LockDown: यहां लॉक डाउन तोड़ने पर दर्ज हुई FIR, आप भी चेत जाएं नहीं तो 6 महीने जेल

रांची। झारखंड लॉक डाउन को धता बताकर खुलेआम व्यापार करने के संगीन आरोप में राजधानी रांची में एक व्यापारी के ऊपर केस दर्ज किया गया है। कोरोना वायरस महामारी को लेकर लागू किए गए लॉक डाउन का उल्लंघन करने के मामले में रांची में पहला केस दर्ज हुआ है। डोरंडा थाना में अरगोड़ा अचंल के अंचल निरीक्षक कमलकांत वर्मा ने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में कहा गया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए राज्य सरकार की ओर से लॉक डाउन लागू किया गया है। लेकिन, रसिक लाल मिष्ठान्न भंडार एंड रेस्टोरेंट ने इस गंभीर संक्रमित बीमारी की अनदेखी कर रेस्टोरेंट चालू रखा। कोराेना वायरस के संभावित फैलाव का दोषी मानते हुए और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में रसिक लाल पर एफआइआर दर्ज की गई है। बताया गया कि लाॅक डाउन को लेकर सक्रिय प्रशासन ने जब रेस्टोरेंट में दबिश दी, तब वहां भीड़-भाड़ मौजूद थी। सरकार के आदेश को ताक पर रखकर संभावित बीमारी को फैलने का कारक बनने पर रेस्टोरेंट पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
लॉक डाउन उल्लंघन का रांची में पहला केस, डोरंडा के रसिक लाल मिष्टान्न पर प्राथमिकी
राज्य सरकार के 31 मार्च तक के लॉक डाउन का आदेश जारी होने के पहले ही दिन लॉक डाउन उल्लंघन का पहला केस दर्ज हो गया। रांची के डोरंडा थाने में रसिक लाल मिष्ठान भंडार एवं रेस्टोरेंट पर सरकार के आदेश उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी डोरंडा थाने में अरगोड़ा अंचल के अंचल निरीक्षक कमलाकांत वर्मा के बयान पर दर्ज की गई है।
अरगोड़ा अंचल के अंचल निरीक्षक के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
अरगोड़ा अंचल के अंचल निरीक्षक ने अपनी शिकायत में लिखा है कि सरकार ने 22 मार्च को आदेश जारी किया कि गंभीर संक्रमित बीमारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉक डाउन का आदेश घोषित किया गया था। इस आदेश का प्रचार-प्रसार भी किया गया था। इसी आदेश का अनुपालन के लिए आवश्यक वस्तुओं की दुकान जैसे मेडिकल, राशन, सब्जी, डेयरी को छोड़कर बंद रखना था। इस दरम्यान डोरंडा बाजार स्थित रसिक लाल मिष्ठान भंडार को खुला पाया गया। जबकि, आदेश में रेस्टोरेंट को भी बंद रखने का आदेश था। उन्होंने आदेश का उल्लंघन किया, इसलिए उनके विरुद्ध सरकार के आदेश के उल्लंघन के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इन धाराओं में दर्ज है प्राथमिकी
- धारा 188 भादवि : यदि कोई व्यक्ति जान-बूझकर किसी व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करता है तो उसे कम से कम छह महीने की जेल और एक हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- धारा 269 भादवि : जो कोई विधि विरुद्ध रूप से या उपेक्षा से ऐसा कोई कार्य करेगा जिससे जनता में किसी रोग के संक्रमण फैलने की आशंका हो। इसमें दोष साबित होने पर छह माह तक की जेल या फिर जुर्माना या दोनों हो सकती है।
- धारा 290 भादवि : जो कोई किसी ऐसे मामले में लोक बाधा उत्पन्न करेगा, उसे दो सौ रुपये तक के आर्थिक दंड से दंडित किया जाएगा।






