ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
पंजाब

तनाव के बीच Students को लेकर सख्त आदेश जारी, पढ़ें पूरी Detail

लुधियाना: पंजाब में गरमाए माहौल के बीच बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी कॉलेज बच्चों को कैंपस छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगा और विद्यार्थी कैपस में रहना चाहते उन्हें वहां रहने दिया जाएगा। इसके साथ ही कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों के रहने, खाने-पीने और जरूरत की चीजों को उपलब्ध करवाना प्रबंधकों की जिम्मेदारी होगी। वहीं कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

इसके साथ ही कहा गया है कि जो विद्यार्थी अपने घरों को लौट गए हैं उनसे किसी भी तरह का कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा। वहीं एक हैल्प डेस्क बनाने के लिए भी कहा गया है जो विद्यार्थियों की परेशानियों और समस्याओं का हल करेगा।

PunjabKesari

वहीं इसे लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”मौजूदा स्थिति को देखते हुए, राज्य भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा, परिवहन या व्यक्तिगत कारणों से असमर्थ या अनिच्छुक होने पर किसी भी छात्र को परिसर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। संस्थानों को अंतिम छात्र के रहने तक भोजन, आश्रय और देखभाल प्रदान करनी चाहिए। परीक्षाएं छात्रों को रुकने के लिए मजबूर करने का कारण नहीं होनी चाहिए। घर लौटने वालों के लिए कोई शैक्षणिक दंड नहीं होना चाहिए – पुनर्निर्धारण या विकल्प प्रदान किए जाने चाहिए।”

Related Articles

Back to top button