ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
पंजाब

अर्धसैनिक बलों के जवान से जुड़ी बड़ी खबर, जारी किए गए सख्त आदेश

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अर्धसैनिक बलों के जवानों के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर कोई जवान गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और मजबूरी में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेता है तो उसे विकलांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सैनिक गंभीर बीमारी के कारण ड्यूटी करने में असमर्थ होने पर स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होता है और विभाग समय पर निर्णय नहीं लेता है तो इसे स्वैच्छिक नहीं माना जा सकता। यह निर्णय केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के लांस नायक अशोक कुमार की याचिका पर सुनाया गया।

एक गंभीर नेत्र रोग रेट्रोबुलबार न्यूरिटिस नामक के कारण रंगों को पहचानने की क्षमता खो देने के कारण उन्हें विकलांगता पेंशन से वंचित कर दिया गया था। अशोक कुमार 1985 में सी.आर.पी.एफ. 13वीं बटालियन में सेवा की और 2000 में मणिपुर में तैनाती के दौरान उनकी दाहिनी आंख में इस बीमारी का पता चला। मार्च 2005 में वार्षिक चिकित्सा परीक्षण में उन्हें सेवा के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया, लेकिन उन्हें हल्की ड्यूटी पर रखने की सिफारिश के साथ मामले को समीक्षा के लिए एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया गया।

सी.आर.पी.एफ. ने अशोक कुमार को सेवा से मुक्त नहीं किया। वर्ष 2009 में पुनर्वास बोर्ड की बैठक में याचिकाकर्ता को अशक्तता (इनवेलिडेशन) के आधार पर सेवा से मुक्त करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सी.आर.पी.एफ. ने कोई आदेश नहीं दिया। इस विलंब से तंग आकर अशोक कुमार ने 22 अप्रैल 2009 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बाद में जब उन्होंने विकलांगता पेंशन का दावा किया तो 19 मई 2017 को सी.आर.पी.एफ. डी.जी.पी. की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि उन्होंने स्वयं अपनी नौकरी छोड़ दी है।

Related Articles

Back to top button