ब्रेकिंग
Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार... Bengal Madrasa News: पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर एक्शन की तैयारी, सुवेंदु सरकार जल्द जारी करेगी ... मौसम पूर्वानुमान: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र, दिल्ली-राजस्थान सहित इन राज्यों में तेज आंधी ... NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां
देश

वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित, पढ़ें- आज दिनभर क्या हुआ

वक्फ संशोधन कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. इसके बाद आज अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.तीन दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली. आज सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की तरफ से अदालत में अपना पक्ष रखा. वहीं, राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकीलों ने केंद्र का समर्थन किया. जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल, राजीव धवन, हुजैफा अहमदी और अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार की दलीलों को जमकर काटा.

सीजेआई बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ मामले को सुन रही थी. आज की सुनवाई की शुरुआत में सरकार की तरफ से तुषार मेहता ने कहा कि जो वक्फ अल्लाह के लिए है, अगर इसे असंवैधानिक पाया जाता है, तो इसे रद्द किया जा सकता है. लेकिन अगर वक्फ है, तो वह वक्फ ही रहेगी. मेहता ने कहा कि ये कानून गैर-मुस्लिम को वक्फ दान देने से वंचित नहीं करता. यही कारण है कि 5 साल -आपको यह दिखाना होगा कि आप मुस्लिम हैं और वक्फ के इस तरीके का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए नहीं करते हैं.

आज के लाइव अपडेट्स

  • आज की सुनवाई के दौरान एक सवाल काफी ज्यादा बहस तलब रहा. सवाल ये कि वक्फ इस्लाम का अहम हिस्सा है या नहीं. याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश हो रहे और कानून का विरोध कर रहे वकील राजीव धवन ने कहा कि वक्फ इस्लाम का अहम हिस्सा है. उन्होंने उदाहरण दिया कि वेदों में मंदिर नहीं था, अग्नि और वायु थे. अगर आप मुझसे पूछें, तो वेदों के अनुसार मंदिर आवश्यक नहीं हैं. जेपीसी ने भी इस आधार पर काम किया कि वक्फ इस्लाम का अभिन्न अंग है. जेपीसी ने देखा कि कुरान में वक्फ का उल्लेख नहीं है, लेकिन कुरान की कई आयतें बताती हैं कि अहम है, ये सीधे हदीस से आती है. बता दें कि कल सरकार ने अदालत में कहा था कि वक्फ इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है.
  • धवन ने कहा कि इस कानून के जरिये अनुच्छेद 25 और 26 की बुनियाद को हिलाया जा रहा है. अनुच्छेद 25 के विपरीत अनुच्छेद 26 संप्रदाय के लिए संस्थागत अधिकार का गठन करता है. हम इससे चिंतित हैं. धवन ने कहा कि रतिलाल मामले में मान्यता प्राप्त ट्रस्ट बनाने का मेरा अधिकार छीन लिया गया है. आपने वक्फ के सिद्धांत को अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त कर दिया है. धवन ने कहा कि इससे पूजा स्थल अधिनियम के तहत जो संरक्षित क्षेत्र हैं, उनका संरक्षण समाप्त हो जाएगा.
  • कपिल सिब्बल ने कहा कि 1954 से 2013 तक केवल एक राज्य ने वक्फ सर्वेक्षण पूरा किया. यह किसके कारण हुआ? राज्य सरकारों के सर्वेक्षण न किए जाने के कारण समुदाय वंचित हो जाएंगे. जम्मू कश्मीर में 1 वक्फ पंजीकृत है, यूपी में कोई भी नहीं. कल्पना कीजिए कि लखनऊ इमामबाड़ा खत्म हो जाए, यह बहुत बड़ी बात है. जैसे ही कपिल सिब्बल ने ये कहा एसजी ने कहा कि अदालत को गुमराह किया जा रहा है. इस पर सिब्बल ने कहा कि आप सभी बयान देते हैं और कहते हैं कि हमने न्यायालय को गुमराह किया.
  • दूसरे दौर की सुनवाई यानी लंच के बाद जब अदालत बैठी तो कपिल सिब्बल ने अपनी बातों को रखना शुरू किया. सिब्बल ने कहा कि वक्फ के मामले में कलेक्टर को फैसला लेना है. अगर वह कहता है कि अमुक संपत्ति वक्फ नहीं है तो फिर क्या होगा. सिब्बल ने कहा कि हम तुषार मेहता की दलीलों के आधार पर नहीं जा सकते. हमें ये देखना होगा कि कानून क्या कहता है.सिब्बल ने कहा कि 200 साल से भी पुराने बहुत से कब्रिस्तान हैं. 200 साल बाद सरकार कहेगी कि यह मेरी जमीन है और इस तरह कब्रिस्तान की ज़मीन छीनी जा सकती है?
  • मेहता ने कहा कि 1923 से 2013 तक-कोई भी मुस्लिम वक्फ बना सकता था. 2013 में कोई भी मुस्लिम हटा दिया गया और कोई भी व्यक्ति डाल दिया गया. इस पर न्यायधीश मसीह ने कहा कि ये इस्लाम को मानने वाले व्यक्ति तक ही सीमित था. मेहता ने कहा कि अगर मैं हिंदू हूं और वाकई वक्फ बनाना चाहता हूं, तो मैं ट्रस्ट बना सकता हूं. अगर हिंदू मस्जिद बनाना चाहता है, तो वक्फ क्यों बनाए, जब आप सार्वजनिक धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए ट्रस्ट बना सकते हैं तो फिर कुछ और क्यों.
  • आज की सुनवाई के दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब सॉलिसिटर जनरल की बात का विरोध याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश हो रहे वकील कपिल सिब्बल ने किया. मेहता ने कहा कि 2013 में गैर-मुस्लिमों को वक्फ बनाने की अनुमति दी गई थी. जबकि 1923 से 2013 तक ऐसा नहीं था. मेहता की बात पर सिब्बल ने विरोध जताते हुए कहा कि ऐसा नहीं है, 2010 में ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि गैर-मुस्लिम व्यक्ति भी वक्फ बना सकता है.
  • सीजेआई ने कहा कि तमिलनाडु, पंजाब, केरल जैसे राज्य हैं. इस पर सिब्बल ने जस्टिस फजल अली फैसले का हवाला दिया..सीजेआई ने कहा लेकिन सरकारी जमीन का क्या? इस पर सिब्बल ने कहा कि हां, समुदाय सरकार से पूछता है कि हमें कब्रिस्तान चाहिए. तब जमीन आवंटित की गई, लेकिन फिर 200 साल बाद वे इसे वापस मांगते हैं और फिर क्या? कब्रिस्तान को इस तरह वापस नहीं लिया जा सकता. यह हर जगह है.

Related Articles

Back to top button