ब्रेकिंग
Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क... Tarang Shakti and Submarine Deal: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, तरंग शक्ति एक्सरसाइज ... Canada Deportation Bishnoi Gang: कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, छात्र बनकर गए भा... Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ...
देश

फाइटर पायलट, 4000 घंटे उड़ान का अनुभव… मनीष खन्ना ने संभाला दक्षिणी वायुसेना का कमान

एयर मार्शल मनीष खन्ना ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में दक्षिणी वायुसेना कमान का पदभार संभाल लिया है. उन्हें दक्षिणी वायु कमान (SAC) के नए एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-In-C) के रूप में नियुक्त किया गया है. एयर मार्शल खन्ना विभिन्न लड़ाकू और प्रशिक्षक विमानों पर 4,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव रखने वाले वायुसेना के एक कुशल अधिकारी हैं.

सरकार ने एक बयान में कहा कि उन्हें 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन दिया गया था.इसमें कहा गया है, ‘एयर मार्शल मनीष खन्ना अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वायुसेना मेडल (VM) ने 1 जून को एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) के रूप में दक्षिणी वायु कमान (SAC) की कमान संभाली.’ खन्ना एक पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर भी हैं.

लड़ाकू स्क्वाड्रन के रह चुके हैं कमांडिंग ऑफिसर

एयर मार्शल मनीष खन्ना श्रेणी ‘ए’ योग्यता प्राप्त उड़ान प्रशिक्षक हैं और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वायु युद्ध महाविद्यालय और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र हैं.वायु रक्षा, जमीनी हमले, रणनीतिक टोही और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक कौशल में अपने समृद्ध परिचालन अनुभव के अलावा, एयर मार्शल के पास प्रशिक्षण क्षेत्र में व्यापक अनुभव है.

लगभग चार दशकों के अपने शानदार कैरियर में उन्होंने लड़ाकू स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयर क्रू एग्जामिनिंग बोर्ड, एक प्रमुख उड़ान बेस, उन्नत मुख्यालय, पश्चिमी वायु कमान और कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर (CAW) में कमांडेंट के रूप में कार्य किया है. वर्तमान पदभार ग्रहण करने से पहले एयर मार्शल दक्षिण पश्चिमी कमान (एसडब्ल्यूएसी) में वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर (SASO) थे.

जसवीर सिंह मान बने पश्चिमी वायु कमान के SASO

रक्षा मंत्रालय ने एक अन्य घोषणा में कहा कि एयर मार्शल जसवीर सिंह मान ने एक जून को भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) के वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में पदभार ग्रहण किया.बयान में कहा गया कि एयर मार्शल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और 16 दिसंबर, 1989 को भारतीय वायुसेना में एक लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था.

मंत्रालय ने कहा कि उन्हें विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों में 3000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है. मंत्रालय ने कहा कि वह एक पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर के दौरान एक लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमान संभाली है, एक अग्रिम वायुसैनिक अड्डे के मुख्य अभियान अधिकारी और एक प्रमुख फाइटर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग रहे हैं.

Related Articles

Back to top button