देश
‘मन की बात’ में पीएम मोदी बोले- कड़े फैसलों के लिए माफी मांगता हूं, हम जीतेंगे कोरोना की लड़ाई

कोरोना के खिलाफ भारत ने युद्ध छेड़ दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से घरों में रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सोशल डिसटेंस बनाने के लिए कहा है। देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देशवासियों से क्षमा मांगते हैं, क्योंकि कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं जिनसे देशवासियों को तकलीफ उठानी पड़ रही है, पीएम मोदी ने गरीबों से विशेषकर क्षमा मांगी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है। गरीबों को खास दिक्कत हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे। लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हमारे जो फ्रंटलाइन सोल्जर हैं उनसे आज हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ से हमें सीखने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि कोरोना को हराने वाले साथियों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है।
मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड 19 से लड़ाई कठिन है और इससे मुकाबले के लिए ऐसे फैसलों की जरूरत थी। भारत के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ये जरूरी था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे समझते हैं कि कोई भी जान बूझकर कानून नहीं तोड़ना चाहता है। लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं। पीए ने कहा कि वे ऐसे लोगों से कहना चाहते हैं कि अगर वे लॉकडाउन का पालन नहीं करते हैं तो इस बीमारी का पालन करना मुश्किल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हमारे जो फ्रंटलाइन सोल्जर हैं उनसे आज हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ से हमें सीखने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि कोरोना को हराने वाले साथियों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में वैसे लोगों से बात की जो कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवाकर ठीक हुए। पीएम ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम और आगरा के अशोक से बात की। राम ने कहा कि लॉकडाउन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन कर ठीक हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवाकर होने वाले लोगो से बात की। पीएम ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम और आगरा के अशोक कपूर से बात की। राम ने कहा कि लॉकडाउन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन कर ठीक हो सकता है। अशोक कपूर ने कहा कि वे आगरा के स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ को धन्यवाद देना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पताल के कर्मचारियों और स्टाफ ने उनकी मदद की। प्रधानमंत्री ने कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से बात की। इन डॉक्टरों ने बताया कि वे पूरे जज्बे के साथ कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आचार्य चरक की पंक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो बिना किसी भौतिक कामना के मरीजों की सेवा करता है, वही सच्चा और सबसे बढ़िया डॉक्टर है। पीएम ने कहा कि वे सभी नर्सों को सैल्युट करते हैं जो अतुलनीय निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस मुश्किल समय में किराना दुकान चलाने वाले, ई कॉमर्स, बैंकिंग, डिजिटल ट्रांजेक्शन को संभव बनाने वाले लोगों को याद किया और उन्हें सैल्यूट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बढ़ाने को कहा है, लेकिन इस दौरान वे इमोशनल डिस्टेंस घटा सकते हैं और अपने सगे-संबंधियों, पुराने दोस्तों, परिचितों से बात कर सकते हैं।





