ब्रेकिंग
Team India Asian Games News: एशियन गेम्स के लिए नागोया जा रही पुरुष क्रिकेट टीम को हुई परेशानी, जानि... Bollywood Actress Karishma Tanna News: बेटे को जन्म देने के बाद डिलीवरी और मदरहुड पर बोलीं करिश्मा त... Tarique Rahman Government News: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव? चटगांव और मोंगला पोर्ट के सम... RBI Bank Holiday List: अगले हफ्ते अलग-अलग राज्यों में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, चेक करें पूरी छुट्टियो... TRAI New Rules on Spam Calls: स्पैम और फर्जी कॉल्स से मिलेगी राहत, ट्राई ने बनाए बेहद सख्त नियम Parsva Ekadashi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी की तिथि, मुहूर्त और धार्मिक मान्यता Cesarean Delivery Care Tips: सी-सेक्शन के बाद टांके ठीक होने में कितना समय लगता है? जानें महिलाओं की... Jashpur News: जशपुर के ऐतिहासिक रानीसती (डोंगा) तालाब का बदलेगा स्वरूप; ₹4.17 करोड़ से होगा जीर्णोद्... Raipur Minor Rescued: चलती ट्रेन में मिला मौदहापारा का लापता नाबालिग जीशान; रायपुर पुलिस और RPF का ब... Korba Fertilizer Crisis: दावों की खुली पोल! कोरबा में DAP और NPK खाद की भारी किल्लत, लक्ष्य से आधा भ...
उत्तरप्रदेश

धंसी थी पटरी, आ रही थी यात्रियों से भरी ट्रेन… बकरी चराने वाले 16 साल के सृजन ने कैसे बचा ली सैकड़ों जिंदगियां?

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया. बकरी चराने गए किशोर की चालाकी से एक बड़ा हादसा होने से बच गया. घटनाक्रम उन्नाव के सफीपुर रेलवे स्टेशन के करीब का है. 16 साल का सृजन मिश्रा वहां बकरियों को चराने के लिए पहुंचा था. वो रेलवे की पटरियों के किनारे बकरी चरा रहा था. तभी उसे सफीपुर रेलवे स्टेशन के पास दबौली मोड़ पर पटरी के नीचे की मिट्टी धंसी हुई दिखी. पटरियों में दरार भी था.

उस समय कानपुर-बालामऊ पैसेंजर ट्रेन सफीपुर स्टेशन से रवाना हो चुकी थी. सृजन ने पटरी की हालत देखकर सृजन ने तुरंत दिमाग लगाया. उसने सामने से आ रही ट्रेन को देखते ही अपनी लाल रंग की टीशर्ट को उतारा और उसे लहराने लगा. लाल रंग का कपड़ा देखकर ट्रेन के लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी और बड़ा हादसा होने से बच गया.

इसके बाद धंसी हुई रेलवे ट्रैक की जानकारी रेलवे को दी गई. सूचना के बाद रेलवे के कर्माचरी मौके पर पहुंचे. उन्होंने ट्रैक की मरम्मत की और फिर ट्रेन को वहां से रवाना किया गया. सृजन की सूझबूझ की चर्चा पूरे इलाके में है और लोग उसकी खूब तारीफ कर रहे हैं.

रेलवे अधिकारियों से लेकर गांव के लोग उसकी समझदारी और बहादुरी की तारीफ कर रहे है. लोगों का कहना है कि सृजन की छोटी सी सतर्कता ने सैकड़ों लोगों की जान बचा ली.

कौन है सृजन?

सृजन उन्नाव के दबौली गांव का रहने वाला है. उसकी उम्र 16 वर्ष है. गरीब परिवार से आने वाला सृजन अकसर रेलवे पटरियों की तरफ अपनी बकरियों को लेकर चला जाता था. इस बार उसने पटरी धंसी हुई देखी और उसकी चालाकी से ट्रेन के अंदर सवार सैकड़ों लोगों की जान बच गई.

कानपुर-बालामऊ पैसेंजर (54336) सफीपुर स्टेशन से 16:55 बजे रवाना हो चुकी थी. सृजन ने अपनी टीशर्ट से उसे समय रहते सफीपुर-बिगामऊ के बीच रुकवा दिया. मुरादाबाद मंडल के डीआरएम राजकुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद रेलवे इंजीनियरिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और ट्रैक की मरम्मत करवाकर ट्रेन को रवाना कराया.

क्या बोले यात्री?

कानपुर-बालामऊ पैसेंजर ट्रेन में उस समय सफर कर रहे यात्रियों ने आंखों देखी बताई. उन्होंने कहा कि अचानक ब्रेक लगा और सभी लोग सहम गए. इसके बाद लोको पायलट और ट्रेन के गार्ड उतरकर नीचे देखने लगे. इसके बाद उन्हें जानकारी हुई कि ट्रैक धंस गया है. उन्होंने रेलवे को सूचना दी. मौके पर रेलवे की टीम पहुंची. ट्रैक की मरम्मत की गई और फिर ट्रेन को वहां से रवाना किया गया.

Related Articles

Back to top button