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धार्मिक

मानसरोवर यात्रा के लिए किन नियमों का करना पड़ता है पालन?

कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू धर्म में सबसे कठिन और पवित्र यात्राओं में से एक माना जाता है. यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा लेती है. चूंकि यह यात्रा तिब्बत (चीन के नियंत्रण में) में होती है, इसलिए इसके लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और चीनी अधिकारियों द्वारा निर्धारित सख्त नियमों और शर्तों का पालन करना पड़ता है. मानसरोवर यात्रा करने वाले लोगों के पास भारतीय नागरिक होना चाहिए. विदेशी नागरिक और ओसीआई (Overseas Citizen of India) कार्ड धारक यात्रा के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं हैं.

अगर आपकी उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 70 वर्ष है तो आप यात्रा करने के लिए पात्र हैं. आपके पास एक वैध भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए, जिसकी वैधता यात्रा शुरू होने की तिथि से कम से कम 6 महीने हो. सबसे महत्वपूर्ण शर्त है ये है कि यात्रा करने वाले को शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए, क्योंकि यह यात्रा अत्यधिक ऊंचाई वाले, ऊबड़-खाबड़ और बर्फीले रास्तों से होकर गुजरती है.

दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट जैसे संस्थान यात्रा से पहले आवेदकों का कठोर चिकित्सा परीक्षण करते हैं. बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 या उससे कम होना चाहिए (कुछ स्रोतों में 27 तक भी स्वीकार्य है, लेकिन कम होना बेहतर है). उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़ों की समस्या, मिर्गी, अस्थमा, या कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या वाले व्यक्ति आमतौर पर इस यात्रा के लिए अयोग्य माने जाते हैं.

ये चीजें हैं बहुत आवश्यक

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं, जो विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (kmy.gov.in) पर किए जाते हैं. आवेदकों का चयन आमतौर पर कम्प्यूटरीकृत ड्रॉ या लॉटरी सिस्टम के माध्यम से होता है, क्योंकि आवेदकों की संख्या उपलब्ध सीटों से कहीं अधिक होती है. आवेदन के समय और यात्रा से पहले कई दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिनमें शामिल हैं.

  • वैध भारतीय पासपोर्ट (पहले और आखिरी पेज की कॉपी)
  • पासपोर्ट साइज रंगीन तस्वीरें
  • 100 रुपए का नोटरी सत्यापित क्षतिपूर्ति बॉन्ड
  • आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर निकासी के लिए एफिडेविट
  • चीनी क्षेत्र में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर का वहीं अंतिम संस्कार करने का सहमति पत्र.
  • पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण (यदि कोई राज्य सरकार सब्सिडी दे रही हो)
  • आवेदकों को लिपुलेख पास (उत्तराखंड) या नाथू ला पास (सिक्किम) में से अपनी पसंद का मार्ग चुनना होता है. दोनों मार्गों की अवधि और अनुमानित लागत अलग-अलग होती है.

यात्रा के दौरान के नियम

सभी यात्रियों को एक साथ यात्रा शुरू करना और लौटना अनिवार्य है. ऊंचाई पर बीमारी (AMS) से बचने के लिए धीरे-धीरे चढ़ना सबसे अच्छा तरीका है. यदि थकान महसूस हो, तो ब्रेक लें. यात्रा के दौरान शराब और धूम्रपान से सख्त परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह ऊंचाई पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पिएं. हल्के-फुल्के स्नैक्स, कैंडी, जूस आदि साथ रखने की सलाह दी जाती है.

निर्देशों का पालन जरूरी

यात्रा के दौरान ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहते हैं. उनकी सलाह का पालन करना अनिवार्य है. तिब्बत चीन के अधीन होने के कारण, चीनी अधिकारियों (जैसे चीनी गाइड या सेना) के निर्देशों का पालन करना जरूरी है. विशेष रूप से कैलाश पर्वत की परिक्रमा (कोरा) करते समय. कुछ मामलों में, 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को परिक्रमा की अनुमति नहीं दी जा सकती. यात्रा के दौरान पवित्र स्थानों और प्राकृतिक पर्यावरण की स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए. कैलाश मानसरोवर यात्रा एक चुनौतीपूर्ण लेकिन अत्यंत फलदायी अनुभव है. इन नियमों का पालन करके ही आप इस पवित्र यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं.

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