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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने बनाई रणनीति, इन मुद्दों पर होगा हंगामा

भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस (Congress in MP) अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामलों को उठाएगी। इसके लिए सागर, छतरपुर, दमोह सहित अन्य जिलों में हुईं हत्या-मारपीट जैसी घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

साथ ही ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के मामले में सरकार की चुप्पी, लगातार लिए जा रहे कर्ज, खाद की कमी सहित अन्य मुद्दों को भी उठाने की तैयारी है।

कब से शुरू होगा एमपी में विधानसभा का मानसून सत्र

  • विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। 10 दिन सदन चलेगा। इसमें सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस सागर जिले के रहली क्षेत्र में ओंकार अहिरवार और छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पंकज प्रजापति की हत्या का मामले को आधार बनाकर सरकार से जवाब मांगेगी।
  • इसी तरह दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुंडागर्दी के साथ बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आदिवासियों के पट्टे निरस्त करने का मुद्दा उठाने की तैयारी है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश के तीन लाख से अधिक पात्र आदिवासियों की पात्रता होने के बाद भी अब तक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टे नहीं दिए हैं।
  • दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन बड़े पैमाने पर अधिकारियों द्वारा सांठगांठ करके गैर आदिवासियों को बेची जा रही है। प्रदेश के ऊपर कर्ज सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसे कम करने के स्थान पर सरकार लगातार कर्ज ले रही है। वहीं, विभागों में पूंजीगत कामों की गति धीमी है, जिसके कारण अधोसंरचना विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं।

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