ब्रेकिंग
Harjinder Singh Dhami News: शिरोमणि कमेटी प्रधान ने इस्तीफे और हुक्मनामों पर दी सफाई; अकाल तख्त साहि... Malout Crime News: नशीले कैप्सूल बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़; 7 गिरफ्तार, 2000 प्रेगाभा कैप्सूल बराम... Amritsar Crime News: सीमा पार से संचालित अवैध हथियार तस्करी का भंडाफोड़; 4 तस्कर गिरफ्तार, 10 पिस्तौ... Ludhiana News: घर में जादू-टोना करता व्यक्ति CCTV में कैद; सलेम टाबरी इलाके में मचा हड़कंप Haryana Congress Politics: बृजेंद्र सिंह की बैठक में हुड्डा के करीबी एम.एस. चोपड़ा की मौजूदगी; हरिया... Haryana Congress Politics: बृजेंद्र सिंह की बैठक में हुड्डा के करीबी एम.एस. चोपड़ा की मौजूदगी; हरिया... Haryana Government Tenders: 5 करोड़ से अधिक के टेंडरों की जानकारी अब ऑनलाइन; पारदर्शिता के लिए सरकार... Haryana Air Pollution: हरियाणा में 1 अक्टूबर से लागू होगी 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति; बिना पॉल्यूश... Yamunanagar News: खाट पर पिता को लेकर न्याय मांगने पहुंचीं बेटियां; अनिल विज से गुहार, पर मंत्री नही... Haryana Health Services: स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने दी 18 करोड़ से अधिक की मंजूर...
व्यापार

मरने के बाद भी क्यों जरूरी है ITR भरना? किसे करना होगा ये काम

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना एक कानूनी प्रक्रिया है, जो हर योग्य व्यक्ति को पूरी करनी होती है. लेकिन क्या आपको पता है कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद भी उसका ITR फाइल करना पड़ सकता है? जी हां, ऐसा न करने पर मृतक के परिवार या उत्तराधिकारी को टैक्स नोटिस तक आ सकता है.

क्यों जरूरी है ITR फाइल करना अगर व्यक्ति की मौत हो गई हो?

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान हो जाती है और उस साल उन्होंने टैक्सेबल इनकम कमाई थी, तो उनके निधन के बावजूद उस साल का ITR फाइल करना जरूरी होता है. इनकम टैक्स विभाग इसे इनकम बिफोर डेथ (Income before death) के तौर पर देखता है.

कौन करता है ITR फाइल?

मृतक व्यक्ति की तरफ से ITR फाइल करने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति पर होती है जिसे लीगल हीर या कानूनी उत्तराधिकारी कहा जाता है. ये उत्तराधिकारी आमतौर पर परिवार का कोई सदस्य होता है जैसे पत्नी, पति, बेटा, बेटी या नजदीकी रिश्तेदार.

ITR फाइल करने का प्रोसेस

कानूनी उत्तराधिकारी की पहचान करें

सबसे पहले यह तय करना जरूरी है कि मृतक व्यक्ति का लीगल हीर कौन है. इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और रिश्ते का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर आदि) देना होता है.

इनकम टैक्स पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें

कानूनी उत्तराधिकारी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर खुद को Representative Assessee के रूप में रजिस्टर करना होता है.

डॉक्युमेंट अपलोड करें

रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको मृतक व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और वारिस होने का प्रमाण देना होता है.

मंजूरी मिलने के बाद फाइल करें ITR

जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आपकी पहचान को स्वीकृति मिल जाती है, तो आप मृतक की ओर से उस वित्त वर्ष का ITR फाइल कर सकते हैं जिसमें उसकी मृत्यु हुई थी.

किन बातों का रखें ध्यान?

  • अगर व्यक्ति की मौत 31 मार्च से पहले हुई है, तो उस साल के लिए ITR जरूरी है अगर इनकम टैक्स लिमिट को पार करती हो.
  • अगर व्यक्ति की कोई टैक्सेबल इनकम नहीं थी, तब ITR फाइल करना जरूरी नहीं है.
  • रिफंड क्लेम करने के लिए भी ITR फाइल करना जरूरी होता है.

Related Articles

Back to top button